देहरादून: शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में संभागीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) ने कई अहम निर्णय लिए हैं। आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं RTA अध्यक्ष आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिवहन से जुड़े 53 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में स्कूल वाहनों की सुरक्षा से लेकर ई-टिकटिंग, ई-रिक्शा और ई-ऑटो के संचालन तथा ऑटो परमिट से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
स्कूल वाहनों में GPS और CCTV जरूरी
RTA ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल बसों, वैन और अन्य स्कूल परिवहन वाहनों में GPS और CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल वाहन का हर वर्ष अधिकृत शोरूम से इलेक्ट्रिकल ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट रिपोर्ट को वाहन में सुरक्षित रखना होगा।
वाहनों के चालक और परिचालक का सालाना स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य किया गया है। संबंधित स्वास्थ्य जांच का रिकॉर्ड भी वाहन में उपलब्ध रखना होगा।
छह महीने बाद ई-टिकटिंग अनिवार्य
सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल टिकट व्यवस्था लागू करने के लिए ई-टिकटिंग मशीनों का चरणबद्ध ट्रायल शुरू किया जाएगा। शुरुआत बड़ी स्टेज कैरिज बसों से होगी। ट्रायल में टीजीएमओ, विश्वनाथ सेवा, यातायात सेवा और सिटी बसों को शामिल किया गया है।
परीक्षण पूरा होने के छह महीने बाद संबंधित सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में ई-टिकटिंग मशीनों का इस्तेमाल अनिवार्य करने का फैसला लिया गया है।
ई-रिक्शा और ई-ऑटो का होगा संयुक्त सर्वे
देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की में ई-रिक्शा तथा ई-ऑटो के संचालन को लेकर संयुक्त सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के माध्यम से उन इलाकों की पहचान की जाएगी जहां इन वाहनों के कारण यातायात दबाव या जाम की स्थिति अधिक रहती है।
सर्वे के आधार पर आवश्यक सुझाव राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) को भेजे जाएंगे। RTA अध्यक्ष ने ई-रिक्शा और ई-ऑटो में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने, नाबालिगों के वाहन चलाने और नशे की हालत में ड्राइविंग के मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
देहरादून के ऑटो को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट तक संचालन की अनुमति
देहरादून केंद्र के ऑटो परमिट को 40 किलोमीटर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसका उद्देश्य ऑटो को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और जॉलीग्रांट अस्पताल तक पहुंच की अनुमति देना था।
RTA ने सामान्य 40 किलोमीटर की सीमा के बजाय इन दोनों महत्वपूर्ण स्थानों तक ऑटो संचालन की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट और अस्पताल तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
हरिद्वार और रुड़की में ऑटो-विक्रम परमिट पर फैसला
हरिद्वार और रुड़की में ऑटो तथा विक्रम परमिट से जुड़े मामलों पर भी बैठक में विचार हुआ। निर्णय लिया गया कि आवेदन प्राप्त होने पर नियमानुसार परमिट जारी किए जाएंगे।
वहीं ऋषिकेश में ऑटो परमिट को लेकर पहले संयुक्त सर्वे कराया जाएगा। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर अगली RTA बैठक में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
टाटा मैजिक के रूट विस्तार पर पुलिस से मांगी रिपोर्ट
टाटा मैजिक के रूट विस्तार से संबंधित मामले में पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों को आवश्यक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। टाटा मैजिक से जुड़े अन्य मामलों में हाईकोर्ट के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यात्री सुविधाओं और सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा, सड़क सुरक्षा, दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएं और परिवहन व्यवस्था में तकनीकी सुधार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा परमिट जारी करने, मार्ग परिवर्तन और विस्तार, समय सीमा बढ़ाने, उत्तराधिकार, वाहन प्रतिस्थापन, स्थानांतरण सहित विभिन्न वैधानिक मामलों पर भी नियमों के अनुसार विचार किया गया।
RTA अध्यक्ष आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए। साथ ही सड़क सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में लगातार सुधार सुनिश्चित किया जाए। बैठक में लिए गए निर्णयों और स्वीकृत प्रस्तावों के संबंध में विस्तृत आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।
