Share Market : अमेरिकी टैरिफ से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 3900 तो निफ्टी 1100 अंक गिरकर खुला

डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी टैरिफ से उपजी आशंकाओं और अमेरिकी बाजार की रिकॉर्ड गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को लाल निशान पर खुला। खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। फिलहाल सेंसेक्स करीब 3023.51 अंक यानी 4.01 फीसदी टूटकर 72,341.18 और निफ्टी 983.95 अंक यानी 4.30 फीसदी लुढ़ककर 21,920.50 अंक पर कारोबार कर रहा है।

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इससे पहले हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी पस्त हो गए। सेंसेक्स 3,939.68 अंक गिरकर 71,425.01 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी 1,160.8 अंक गिरकर 21,743.65 अंक पर आ गया। ऐसे ही शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 30 पैसे गिरकर 85.74 डॉलर पर आ गया।

4 अप्रैल को भी भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था बाजार
इससे पहले वैश्विक व्यापार युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच शुक्रवार (4 अप्रैल) को भारतीय शेयर सूचकांक सेंसेक्स 900 अंक से अधिक टूटकर 76,000 के स्तर से नीचे आ गया था। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 930.67 अंक या 1.22 प्रतिशत गिरकर 75,364.69 अंक पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 1,054.81 अंक या 1.38 प्रतिशत गिरकर 75,240.55 अंक के निचले स्तर पर पहुंच गया था। ऐसे ही एनएसई निफ्टी 345.65 अंक या 1.49 प्रतिशत गिरकर 22,904.45 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स 382.2 अंक या 1.64 प्रतिशत गिरकर 22,867.90 पर बंद हुआ था।

गिरावट की वजह क्या?
मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह ने बताया कि फिलहाल सेंसेक्स में भारी गिरावट है। यह अपेक्षित था, क्योंकि शुक्रवार को जब चीन ने जवाबी कार्रवाई की घोषणा की और अमेरिकी आयात पर 30 से अधिक टैरिफ लगाए तो अमेरिकी बाजार में गिरावट आई और यह नकारात्मक 2200 पर बंद हुआ। इसलिए यह उम्मीद थी कि सोमवार को जब एशियाई बाजार और अन्य बाजार खुलेंगे, तो वे भारी गिरावट के साथ खुलेंगे और ऐसा ही हुआ, क्योंकि निवेशकों को लगता है कि व्यापार जंग की स्थिति में कोई भी नहीं जीतेगा और यह सभी के लिए मुद्रास्फीतिकारी होगा। इससे वैश्विक जीडीपी वृद्धि धीमी हो जाएगी।

ट्रंप के जवाबी टैरिफ को जानिए
दरअसल, 2 अप्रैल को अमेरिका ने भारत पर 26 फीसदी जवाबी टैरिफ लगाने का एलान किया था। इसके साथ ही अमेरिका ने वियतनाम पर 46 फीसदी, चीन पर 34 फीसदी, ताइवान पर 32 फीसदी, दक्षिण कोरिया पर 25 फीसदी, जापान पर 24 फीसदी और यूरोपीय यूनियन पर 20 फीसदी  टैरिफ लगाने का एलान किया। ट्रंप ने कहा कि ये देश हम पर बहुत अधिक टैरिफ लगाते हैं, इस वजह से हम उन पर जवाबी टैरिफ लगा रहे हैं। इसके बाद से भारत समेत तमाम देशों में महंगाई और मंदी को लेकर आशंकाएं पनपने लगी। अमेरिका भी इससे अछूता नहीं है।

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