हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है।
यहां पहली बार हजारों श्रद्धालु दंडवत यात्रा में शामिल होकर
भगवान शिव और मां गंगा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं।
कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा करीब
4 किलोमीटर का सफर तय करते हुए हरकी पैड़ी की ओर बढ़ रही है।
खास बात यह है कि श्रद्धालु पूरे रास्ते जमीन पर लेटकर दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था कम नहीं हुई है।
दक्षेश्वर मंदिर में पूजा के बाद शुरू हुई यात्रा
इस दंडवत यात्रा का शुभारंभ कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में
विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भगवान शिव के रुद्राभिषेक के बाद किया गया।
इसके बाद नया अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं अखाड़ा परिषद के
राष्ट्रीय मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज ने यात्रा को रवाना किया।
यात्रा में देश के अलग-अलग राज्यों से हजारों महिला और पुरुष श्रद्धालु पहुंचे हैं।
सभी श्रद्धालु सड़क पर लेटकर दंडवत प्रणाम करते हुए धीरे-धीरे अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
हरिद्वार में पहली बार इस तरह की यात्रा आयोजित होने के कारण यह लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
30 से 35 घंटे में पूरा होगा यात्रा का सफर
आयोजकों के अनुसार, इस यात्रा को पूरा करने में लगभग 30 से 35 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
शुक्रवार सुबह शुरू हुई यात्रा शनिवार तक जारी रहेगी।
यात्रा का मार्ग दक्षेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर शंकराचार्य चौक, तुलसी चौक
और अपर बाजार होते हुए हरकी पैड़ी तक निर्धारित किया गया है।
रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
हरिद्वार में बारिश होने के बाद भी श्रद्धालु लगातार दंडवत करते हुए यात्रा में आगे बढ़ते रहे।
रातभर भी यात्रा का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
देश की एकता और सनातन संस्कृति का संदेश देना उद्देश्य
करौली शंकर महाराज के अनुसार, इस दंडवत यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश की एकता
और अखंडता को मजबूत करने के साथ भारतीय सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं का प्रचार-प्रसार करना है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारे और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश दिया जा रहा है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी उनके नेतृत्व में दंडवत यात्रा निकाली गई थी, जिसे पूरा करने में करीब सात महीने का समय लगा था।
कुंभ मेले की सफलता के लिए भी करेंगे प्रार्थना
इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य आगामी कुंभ मेले के सफल
और निर्विघ्न आयोजन के लिए मां गंगा से प्रार्थना करना भी है।
आयोजकों के मुताबिक, शनिवार को हरकी पैड़ी पहुंचने के बाद श्रद्धालु गंगा घाटों पर स्वच्छता अभियान चलाएंगे।
इसके बाद शाम को श्रद्धालु भव्य गंगा आरती में शामिल होकर मां गंगा की पूजा-अर्चना करेंगे।
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 1000 वालंटियर तैनात
हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए यात्रा के दौरान व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
आयोजकों की ओर से करीब 1,000 वालंटियर तैनात किए गए हैं।
ये वालंटियर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने में सहयोग कर रहे हैं।
दक्षेश्वर महादेव मंदिर में यात्रा के शुभारंभ के दौरान कई साधु-संत भी मौजूद रहे।
पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा के लिए भी स्थानीय लोग आगे आए।
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