हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों
और दवाइयों के वितरण में नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।
नैनीताल जिले के राजपुरा क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के नेतृत्व में ड्रग्स विभाग की टीम ने छापेमारी की।
इस दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर सात क्लीनिक और मेडिकल स्टोर सील कर दिए गए।
प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान टीम को कई जगह नियमों की अनदेखी के मामले मिले।
कुछ प्रतिष्ठानों में बिना आवश्यक लाइसेंस के दवाइयां वितरित किए जाने की बात सामने आई
जबकि एक अन्य मामले में आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा एलोपैथिक दवाओं से मरीजों का उपचार किए जाने की जानकारी मिली।
राजपुरा में छापेमारी, जांच में मिलीं अनियमितताएं
हल्द्वानी में बिना जरूरी अनुमति के क्लीनिक संचालित होने
और मरीजों को नियमों के विपरीत दवाइयां दिए जाने की शिकायतों के बीच प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने राजपुरा क्षेत्र के विभिन्न क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया गया।
इसके बाद सात प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की गई।
छापेमारी की जानकारी मिलने पर कुछ संचालकों के मौके से चले जाने की बात भी सामने आई है।
पहले भी हो चुकी है झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है
जब प्रदेश में अवैध चिकित्सा गतिविधियों को लेकर चिंता बनी हुई है।
पूर्व में एक महिला की कथित तौर पर झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने के बाद मौत का मामला सामने आया था।
इसके बाद प्रशासन ने ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई तेज की।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के अनुसार, पिछली कार्रवाई के दौरान आठ झोलाछाप डॉक्टरों के प्रतिष्ठानों को सील किया गया था।
अब राजपुरा क्षेत्र में सात और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
मरीजों की सुरक्षा पर प्रशासन का जोर
बिना आवश्यक अनुमति के चिकित्सा सेवाएं देना और नियमों के विरुद्ध दवाइयों का इस्तेमाल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
ऐसे में प्रशासन की ओर से की गई जांच का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
राजपुरा में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन आगे भी ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच जारी रखता है या नहीं।
नोट: प्रकाशन से पहले सात सील किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या, कार्रवाई की तारीख और संबंधित अधिकारी के बयान की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से कर लें।
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