लक्सर, हरिद्वार: उत्तराखंड में त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।
इसी अभियान के तहत लक्सर क्षेत्र के संघीपुर गढ़ी गांव में पनीर बनाने वाली एक इकाई पर छापा मारा गया।
अधिकारियों के मुताबिक, यहां दूध के बजाय पामोलीन ऑयल समेत अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर एनालॉग पनीर तैयार किए जाने की जानकारी मिली थी।
14 अक्टूबर को की गई इस कार्रवाई में विभागीय टीम ने करीब 90 किलोग्राम तैयार पनीर और लगभग 6 क्विंटल पामोलीन ऑयल बरामद किया।
विभाग ने दोनों को मौके पर नष्ट करा दिया। इसके साथ ही संबंधित इकाई को अगले आदेश तक बंद करा दिया गया है।
गुप्त सूचना के आधार पर पहुंची टीम
खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि संघीपुर गढ़ी गांव में कथित तौर पर मिलावटी पनीर तैयार कर आसपास के बाजारों में भेजा जा रहा है।
सूचना के बाद हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
इस अभियान में एसडीएम लक्सर अनिल कुमार शुक्ला, फूड इंस्पेक्टर दिलीप जैन और पुलिसकर्मी भी शामिल रहे।
देर रात शुरू हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने इकाई में पनीर तैयार करने की प्रक्रिया और वहां रखी सामग्री की जांच की।
अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पनीर बनाने के लिए पामोलीन ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर
और अन्य रासायनिक सामग्री के इस्तेमाल की बात सामने आई। विभाग ने इसे एनालॉग पनीर बनाने का मामला बताया है।
फैक्ट्री में मिले बड़े टब और पनीर बनाने के उपकरण
छापेमारी के दौरान इकाई में बड़े आकार के टब, डीप फ्रीजर, पनीर जमाने के सांचे और अन्य मशीनरी मिली।
अधिकारियों का कहना है कि वहां लगे उपकरणों की क्षमता काफी अधिक थी
और एक बार में लगभग 26 क्विंटल पनीर तैयार करने की क्षमता बताई गई।
जांच एजेंसी को आशंका है कि तैयार उत्पाद की आपूर्ति लक्सर
और हरिद्वार के अलावा आसपास के बाजारों में की जा रही थी।
हालांकि, आपूर्ति के वास्तविक दायरे
और उत्पादन की मात्रा से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच के आधार पर की जानी है।
पनीर और तेल के नमूने जांच के लिए भेजे
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बरामद पनीर और पामोलीन ऑयल के नमूने लेकर राजकीय प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजे हैं।
इन नमूनों की रिपोर्ट से उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
विभाग ने इकाई संचालक को नोटिस भी जारी किया है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट और सामने आए तथ्यों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक
अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों तक जारी रहेगी छापेमारी
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर
त्योहारों तक जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान जारी रहेगा।
खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने की हिदायत दी गई है।
विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना
और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है
कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोट: पनीर और तेल के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता से जुड़े निष्कर्षों की पुष्टि हो सकेगी।
ये भी पढ़े : https://uttarakhandhighlights.com/2026/10/14/haldwani-neetu-bisht-maa-kali-reel-controversy/
![]()