पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर क्षेत्र के ठांगर गांव में
11 वर्षीय शिवांशु की मौत से परिवार और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, लंगूर के अचानक झपटने के बाद गिरने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
उसे उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक इलाज चलने के बाद सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों में वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
लंगूर के झपटने के बाद गंभीर रूप से घायल हुआ था बच्चा
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को ठांगर गांव में शिवांशु पर अचानक एक लंगूर ने झपट्टा मारा।
इस दौरान संतुलन बिगड़ने से वह जमीन पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
परिजन उसे तुरंत एम्स ऋषिकेश लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया।
परिजनों के अनुसार, शिवांशु की हालत गंभीर बनी हुई थी और वह कोमा में चला गया था।
उन्हें डॉक्टरों ने बच्चे के मस्तिष्क में खून का थक्का जमने की जानकारी दी थी।
कई दिनों तक उपचार के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सोमवार देर रात उसकी मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया।
गांव में लंगूर की मौजूदगी से ग्रामीण परेशान
घटना के बाद ठांगर गांव में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर नाराजगी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लंगूर काफी समय से गांव में दिखाई दे रहा था।
बच्चे की मौत के बाद स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग गांव में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए
ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटना दोबारा न हो।
लंगूर की तलाश में वन विभाग का सर्च ऑपरेशन
शिवांशु को घायल करने वाले लंगूर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम तलाश अभियान चला रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लैंसडौन वन प्रभाग के एसडीओ सुधीर कुमार के नेतृत्व में सोमवार
और मंगलवार को सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन लंगूर का पता नहीं लग सका।
लालढांग रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनुराग जोशी के मुताबिक, बुधवार को भी तलाश अभियान जारी रखने की योजना थी।
लंगूर को बेहोश कर पकड़ने के लिए अतिरिक्त दवा भी मंगवाई गई है।
वन विभाग की कोशिश है कि लंगूर को सुरक्षित तरीके से पकड़कर ग्रामीणों को संभावित खतरे से राहत दिलाई जा सके।
शिवांशु की मौत के बाद गांव में शोक और आक्रोश
महज 11 साल के बच्चे की मौत से ठांगर गांव में दुख का माहौल है। घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीवों
और आबादी के बीच बढ़ते संपर्क तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि वन विभाग जल्द ही लंगूर को पकड़ने में सफल होगा
और क्षेत्र में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। वन विभाग की कार्रवाई
और लंगूर की तलाश की वर्तमान स्थिति प्रकाशित करने से पहले संबंधित अधिकारियों से पुष्टि कर लें।
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