हरिद्वार: राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में वन्यजीव सप्ताह के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष और हाथियों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस दौरान राजाजी टाइगर रिजर्व की चर्चित हथिनी अरुंधती की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उसे श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल और दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि समेत वन विभाग के अधिकारी
कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहे। अधिकारियों ने एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर में मौजूद पालतू हाथियों को फल और हरा चारा भी खिलाया।
हथिनी अरुंधती की समाधि पर अर्पित किए पुष्प
वन्यजीव सप्ताह के कार्यक्रम के दौरान हथिनी अरुंधती को विशेष रूप से याद किया गया।
एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर परिसर में स्थित उसकी समाधि पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल
और दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने पुष्प अर्पित किए।
इस दौरान वन्यजीव संरक्षण के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने वन्यजीवों के संरक्षण के साथ उनके साथ बेहतर सह-अस्तित्व विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
समाधि पर श्रद्धांजलि देने के बाद अधिकारियों ने रेस्क्यू सेंटर में मौजूद हाथियों को फल और हरा चारा खिलाया।
हाथियों की सुरक्षा करने वाले लोको पायलटों का सम्मान
वन्यजीव सप्ताह के तहत उन लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो रेलवे ट्रैक पर हाथियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हरिद्वार और देहरादून के बीच रेलवे ट्रैक के संवेदनशील हिस्से में विशेष सतर्कता बरतने वाले 14 लोको पायलटों को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
वन विभाग के अनुसार हरिद्वार-देहरादून रेलवे लाइन का करीब 17 किलोमीटर क्षेत्र हाथियों की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
इस इलाके में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए ट्रेन संचालन के दौरान लोको पायलटों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों की मौजूदगी दिखाई देने पर लोको पायलट निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए
ट्रेन की गति नियंत्रित करने या जरूरत पड़ने पर ट्रेन रोकने की कार्रवाई करते हैं।
वन विभाग ने इसी सतर्कता और वन्यजीव सुरक्षा में योगदान के लिए लोको पायलटों को सम्मानित किया।
कालागढ़ से बाइक रैली लेकर पहुंचे वनकर्मी
वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बाइक रैली भी आयोजित की गई।
कालागढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र से करीब 50 वनकर्मी बाइक रैली में शामिल होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।
यह रैली कोटद्वार से शुरू हुई और राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज पहुंचकर संपन्न हुई।
रैली के जरिए वन्यजीव संरक्षण और लोगों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में वंदेमातरम स्कूल के बच्चों ने भी हिस्सा लिया।
बच्चों की भागीदारी के जरिए नई पीढ़ी को वन्यजीव संरक्षण
और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने का प्रयास किया गया।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ना चिंता का विषय
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल ने उत्तराखंड में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण और संवर्धन विभाग के सामने बड़ी चुनौती है।
नीना ग्रेवाल के अनुसार वन विभाग के कर्मचारी धरातल पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहे हैं
लेकिन इसके बावजूद मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि ऐसे संघर्षों को कम किया जाए
और लोगों को वन्यजीवों के व्यवहार तथा उनके संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए।
जागरूकता अभियानों पर वन विभाग का जोर
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
इन अभियानों के जरिए स्थानीय लोगों को वन्यजीवों के प्रति सावधानी बरतने और उनके साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व बनाए रखने की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए केवल वन विभाग की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं है।
स्थानीय लोगों, पर्यटकों, रेलवे कर्मचारियों और अन्य संबंधित विभागों की भागीदारी भी जरूरी है।
वन्यजीव सप्ताह के इस कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रयासों को सामने लाया गया।
लोको पायलटों और वनकर्मियों का सम्मान भी इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करने के तौर पर देखा गया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव जीवन की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है
और दोनों के बीच संतुलन बनाने के लिए लगातार जागरूकता और समन्वित प्रयास की जरूरत है।
ये भी पढ़े : https://uttarakhandhighlights.com/2026/10/05/haridwar-bus-accident-auto-four-cars-hit/
![]()