चमोली: बदरीनाथ धाम में अपने दिवंगत पिता का तर्पण करने पहुंचे तमिलनाडु के एक यात्री के अलकनंदा नदी के तेज बहाव में बहने की सूचना है।
बताया जा रहा है कि तर्पण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुरु प्रसाद अपनी माता के लिए नदी से जल लेने गए थे।
इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह नदी की तेज धारा में गिर गए। घटना के बाद पुलिस और SDRF की टीमें नदी में उनकी तलाश कर रही हैं।
पिता का तर्पण करने बदरीनाथ पहुंचे थे
नंदप्रयाग पुलिस के अनुसार, तमिलनाडु निवासी गुरु प्रसाद पुत्र वेंकट रमन
अपनी माता के साथ करीब 60 श्रद्धालुओं के दल में बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आए थे।
बताया गया कि लगभग एक वर्ष पहले उनके पिता का निधन हुआ था।
इसी वजह से गुरु प्रसाद अपने पिता का तर्पण करने बदरीनाथ धाम जा रहे थे।
यात्रा के दौरान वह नंदप्रयाग पहुंचे, जहां नंदाकिनी और अलकनंदा नदियों का संगम है।
यहीं उन्होंने अपने दिवंगत पिता का तर्पण किया।
जल लेने के दौरान पैर फिसला
तर्पण के बाद गुरु प्रसाद अपनी माता के लिए नदी से जल लेने के उद्देश्य से अलकनंदा के किनारे पहुंचे।
इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह नदी के तेज बहाव में जा गिरे।
मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें नदी की धारा में बहते देखा। कुछ ही समय में वह नजरों से ओझल हो गए।
घटना की जानकारी अन्य यात्रियों और स्थानीय लोगों ने 112 नंबर के माध्यम से पुलिस को दी।
पुलिस और SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
सूचना मिलते ही नंदप्रयाग चौकी पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने नदी किनारे
और आसपास के संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की।
इसके बाद राहत एवं बचाव टीमों की मदद से अलकनंदा नदी के संभावित हिस्सों में सर्च अभियान चलाया गया।
नदी की तेज धारा और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच तलाश जारी है।
30 सितंबर की देर शाम तक गुरु प्रसाद का कोई पता नहीं चल पाया था।
करीब 60 श्रद्धालुओं के दल के साथ आए थे
नंदप्रयाग चौकी प्रभारी संपूर्णानंद जुयाल के मुताबिक, तमिलनाडु से करीब 60 श्रद्धालुओं का दल बदरीनाथ धाम आया हुआ है।
उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच गुरु प्रसाद ने नंदप्रयाग में नंदाकिनी
और अलकनंदा नदी के संगम पर अपने पिता का तर्पण किया था।
इसके बाद वह नदी से जल लेने गए, जहां पैर फिसलने के बाद वह तेज बहाव में बह गए।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है
और संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है।
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