देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ के ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ के जरिए साइबर ठगी के नेटवर्क पर कार्रवाई
के बावजूद साइबर अपराध के मामले सामने आ रहे हैं।
अब देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में अलग-अलग बैंकों के एटीएम से करीब 5.61 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी का मामला सामने आया है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छह अलग-अलग क्षेत्रों के एटीएम से निकाली गई रकम
साइबर सेल की जांच में पता चला है कि रकम किसी एक एटीएम से नहीं
बल्कि देहरादून के अलग-अलग स्थानों पर लगे एटीएम से कई बार में निकाली गई।
करनपुर, ईसी रोड, राजपुर रोड, दर्शन लाल चौक, सर्कुलर रोड
और 5th क्रॉस रोड के एटीएम से निकासी की जानकारी सामने आई है।
जांच के दौरान एसबीआई, यूको बैंक, केनरा बैंक, साउथ इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा
और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से लेनदेन का पता चला।
इन सभी निकासी को जोड़ने पर कुल रकम 5,61,256.53 रुपये बताई जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश
साइबर सेल की रिपोर्ट सामने आने के बाद करनपुर चौकी पुलिस ने संबंधित एटीएम
और आसपास के क्षेत्रों की जानकारी जुटाई।
अब पुलिस अलग-अलग एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है।
पुलिस का प्रयास है कि फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा सके
जिन्होंने एटीएम से रकम निकाली। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है
कि इन निकासी के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और पैसे निकालने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया।
म्यूल अकाउंट के जरिए निकासी का खुलासा
उपनिरीक्षक विक्की टम्टा के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि एटीएम से म्यूल अकाउंट से जुड़ी रकम निकाली गई।
साइबर अपराध की भाषा में म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है
जिसका इस्तेमाल ठगी या अवैध तरीके से हासिल रकम को प्राप्त करने और दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।
अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
डालनवाला कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि उपनिरीक्षक विक्की टम्टा की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित एटीएम की सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
ऑपरेशन हॉटस्पॉट के बाद फिर सामने आया साइबर मामला
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में एसटीएफ ने साइबर अपराधियों
और उनके नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए सात दिन का ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ चलाया था।
अभियान के दौरान साइबर ठगी से जुड़ी रकम निकालने वालों के साथ-साथ बैंक खाते, सिम कार्ड, एटीएम, चेक
और अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की गई थी। अभियान में 15 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी
और 247 संदिग्धों को कानूनी नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
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