अल्मोड़ा: राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में छात्रा के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। मामले की जांच में अतिथि शिक्षिका की भूमिका सामने आने के बाद उनका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया। सोमवार को जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने स्वयं विद्यालय पहुंचकर मामले की जानकारी ली और छात्रा के परिजनों समेत अन्य विद्यार्थियों से बातचीत की।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने शुरू की जांच
मामला 22 अगस्त को सामने आया था, जब विद्यालय की एक छात्रा के साथ अतिथि शिक्षिका द्वारा मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य से घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने संबंधित छात्रा के माता-पिता से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना। डीएम ने स्कूल के अन्य छात्र-छात्राओं से भी बातचीत की, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी मिल सके।
जांच समिति की रिपोर्ट के बाद शिक्षिका पर कार्रवाई
घटना की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा और उप खंड शिक्षा अधिकारी धौलादेवी की संयुक्त समिति बनाई गई थी। समिति की रिपोर्ट में संबंधित अतिथि शिक्षिका का अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति की गई।
रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने शिक्षिका का अनुबंध तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया और उन्हें विद्यालय की सेवाओं से हटा दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के नाम पर बच्चों के साथ मारपीट या किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के साथ संवाद और सकारात्मक व्यवहार अपनाने की अपील की।
डीएम के मुताबिक, किसी छात्र-छात्रा से जुड़ी समस्या होने पर शिक्षकों को पहले उसके अभिभावकों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।
स्कूल का भी किया निरीक्षण
मामले की जानकारी लेने के साथ जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों से मुलाकात कर पढ़ाई, अनुशासन, शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यालय में चल रहे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी ली।
डीएम ने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर यह भी जाना कि उन्हें स्कूल में किस तरह की शैक्षणिक और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं।
विद्यार्थियों ने मांगी फुटबॉल खेलने की सुविधा
विद्यालय निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने स्कूल में फुटबॉल खेलने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग जिलाधिकारी के सामने रखी। विद्यार्थियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने विद्यालय में खेल सुविधाओं को विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने फुटबॉल खेलने के लिए उपयुक्त मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
शौचालय और सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश
जिलाधिकारी ने विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए शौचालयों की स्थिति सुधारने और परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़क से विद्यालय तक पहुंचने वाले मार्ग का भी निरीक्षण किया और उसकी स्थिति बेहतर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
स्कूल में पानी की उपलब्धता की जानकारी लेने के बाद डीएम ने पर्याप्त और नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी के भंडारण के लिए टैंक लगाने और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय सिर्फ शिक्षा देने का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास का केंद्र भी है। इसलिए पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण, खेल की सुविधाएं, स्वच्छता और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
