अल्मोड़ा: रक्षाबंधन के पर्व को देशप्रेम और भाईचारे की भावना से जोड़ते हुए अल्मोड़ा की महिला कल्याण संस्था ने सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों के लिए 3,000 राखियां भेजीं। हर साल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्था की महिलाओं ने जवानों के लिए राखियां तैयार कीं और उन्हें सैन्य अधिकारियों को सौंपा।
महिलाओं ने उम्मीद जताई कि ये राखियां रक्षाबंधन से पहले देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक पहुंच जाएंगी। इस दौरान उन्होंने सैनिकों की लंबी उम्र, बेहतर स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
सैन्य अधिकारियों को सौंपी गईं 3 हजार राखियां
महिला कल्याण संस्था की सदस्यों ने 3,000 राखियां लेफ्टिनेंट कर्नल अमित कुमार और सूबेदार मेजर सतनाम सिंह को सौंपीं। सैन्य अधिकारियों ने संस्था की महिलाओं को भरोसा दिलाया कि राखियों को निर्धारित समय से पहले सीमा पर तैनात जवानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
राखियां सौंपते हुए महिलाओं ने सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार जताया। संस्था की सदस्यों ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सैनिक कठिन परिस्थितियों में परिवार से दूर रहकर सीमाओं की निगरानी करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन पर भेजी गई राखियां उनके लिए देश की बहनों के स्नेह और अपनत्व का संदेश लेकर जाएंगी।
जवानों के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना
महिलाओं के मुताबिक राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और सुरक्षा के रिश्ते का प्रतीक है। सीमा पर तैनात जवानों के लिए भेजी गई इन राखियों के जरिए देश की बहनों ने उनके प्रति अपना सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त किया।
संस्था की महिलाओं ने जवानों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना की। साथ ही देश की सीमाओं की पूरी निष्ठा और साहस के साथ रक्षा करने के लिए सैनिकों का आभार जताया।
समाज को दिया राष्ट्रप्रेम का संदेश
महिला कल्याण संस्था की इस पहल ने रक्षाबंधन के त्योहार को सैनिकों के सम्मान और राष्ट्रप्रेम से जोड़ने का काम किया। संस्था की सदस्यों ने कहा कि देश का हर नागरिक अपने वीर जवानों के साथ खड़ा है और उनकी सेवा, त्याग व बलिदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
इस मौके पर संस्था की अध्यक्ष रीता दुर्गापाल, सचिव पुष्पा सती, संरक्षक शांति शाह, प्रचार-प्रसार मंत्री ममता चौहान समेत अन्य सदस्य मौजूद रहीं। 3 हजार राखियों के जरिए महिलाओं ने सीमा पर तैनात जवानों तक यह संदेश पहुंचाया कि देश की सुरक्षा में उनके योगदान को पूरा देश सम्मान की नजर से देखता है।
