देहरादून: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महामंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद तीरथ सिंह रावत को भी इस टीम में शामिल किया गया है। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
तीरथ सिंह रावत के साथ राम माधव और वसुंधरा राजे को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य और एम. नागराज समेत अन्य नेताओं को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
तीरथ सिंह रावत इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें शामिल किए जाने को उत्तराखंड के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन हैं तीरथ सिंह रावत?
तीरथ सिंह रावत का जन्म 1 अप्रैल 1964 को पौड़ी गढ़वाल के सीरों, पट्टी असवालस्यूं में हुआ था। उनके पिता का नाम कलम सिंह रावत है। छात्र राजनीति से लेकर संगठन और सक्रिय राजनीति तक उन्होंने बीजेपी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
वे वर्ष 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में उत्तराखंड के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वे हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
राजनीतिक सफर के दौरान तीरथ सिंह रावत भारतीय जनता युवा मोर्चा, उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे। वर्ष 1997 में वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए और विधान परिषद में विनिश्चय संकलन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2000 में उन्हें राज्य का पहला शिक्षा मंत्री बनाया गया। वर्ष 2007 में वे उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश महामंत्री बने और वर्ष 2012 में चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2013 में उन्हें उत्तराखंड बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
पौड़ी से सांसद और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने तीरथ सिंह रावत को पौड़ी गढ़वाल सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूड़ी को बड़े अंतर से हराकर लोकसभा चुनाव जीता।
बाद में त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।
अब बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके राजनीतिक कद और संगठन में भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
