हरिद्वार: विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेले को लेकर हरिद्वार में तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बार करीब पांच करोड़ कांवड़ियों के आगमन का अनुमान है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत सभी संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं. हाथी और गुलदार जैसे जानवरों से कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील जगहों पर टीमें तैनात रहेंगी. 32 अस्थाई अस्पताल बनाए जा रहे हैं जिनमें एंटी वेनम और एंटी रेबीज के साथ अन्य आवश्यक दवाएं रखी जाएंगी. प्रशासनिक स्तर पर शहर को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है.
पिछले साल कांवड़ मेले में रिकॉर्ड करीब चार करोड़ कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे थे. इस बार प्रशासन का अनुमान है कि यह आंकड़ा बढ़कर पांच करोड़ पहुंच सकता है. इसलिए मेले को लेकर सरकार से लेकर प्रशासनिक स्तर पर जोरशोर से तैयारी की जा रही हैं. उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद हरिद्वार में अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग कर कांवड़ मेले के कार्यों की समीक्षा कर चुके हैं. सबसे खास हरिद्वार को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. सभी अवैध दुकानों को जेसीबी की मदद से हटाया जा रहा है.
कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे अधिक संवेदनशील माने जाने वाले जंगल और वन क्षेत्रों में वन विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है. हाथी और गुलदार की गतिविधियों वाले इलाकों को चिन्हित कर वहां वनकर्मियों की टीमें तैनात की जा रही हैं. कांवड़ मार्गों के किनारे उगी झाड़ियों का कटान कराया जा रहा है, ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह का खतरा न हो.

इसके अलावा खेतों और जंगलों से सटे मार्गों पर पैदल चलने वाले कांवड़ियों को सांप, बिच्छू, आवारा कुत्तों और बंदरों से भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य विभाग ने भी मेले के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. पूरे मेला क्षेत्र में कांवड़ मार्ग पर 32 अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं. इन अस्पतालों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. विशेष रूप से सांप के काटने पर लगने वाली एंटी वेनम और कुत्ते के काटने पर लगने वाले एंटी रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे. एहतियातन सभी अस्पतालों में एंटी वेनम और एंटी रेबीज के इंजेक्शन समेत अन्य सभी आवश्यक दवाएं रखी जाएंगी.

हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले के साथ साथ कांवड़ मेले की तैयारियां की जा रहीं हैं. लेकिन कांवड़ मेले के लिए कुंभ मेले के नए कार्यों पर रोक लगाई गई है. कांवड़ मार्ग पर चल रहे विकास कार्यों को भी रोका गया है. मेला प्रशासन और जिला प्रशासन आपसी समन्वय बनाकर काम कर रहा है. कांवड़ मेला समाप्त होने पर कुंभ के कार्यों की गई जोर पकड़ेगी.

