Dehradun : आयुष विभाग का आदेश जारी होने से पहले ही कर्मचारियों के मोबाइल में पहुंचा, सिस्टम हैक होने की आशंका

देहरादून: उत्तराखंड सचिवालय में आयुष विभाग के अंतर्गत एक आदेश के लीक होने से हड़कंप मच गया है. खास बात यह है कि सचिवालय स्तर पर अभी यह आदेश जारी भी नहीं हुआ था कि इससे पहले ही ये कर्मचारियों के मोबाइल तक पहुंच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिवालय प्रशासन को सिस्टम हैक होने की आशंका के साथ पत्र लिख दिया गया है. ताकि प्रकरण में जांच से स्थिति स्पष्ट हो सके.

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जारी होने से पहले ही आयुष विभाग का आदेश लीक: उत्तराखंड में आईटी सिस्टम को हैक कर सरकारी कामकाज ठप करने का मामला अभी भुलाया भी नहीं जा सका था कि एक नए मामले ने सभी को हैरान कर दिया. प्रकरण आयुष विभाग से जुड़ा हुआ है. सचिवालय स्तर पर हुआ विभागीय आदेश जारी होने से पहले ही लीक हो गया. सचिवालय से आदेश के जारी ना होने के बावजूद संबंधित कागज कैसे सार्वजनिक हो गया, यह सबके लिए पहेली बन गया है. हालांकि सचिवालय में संबंधित अधिकारी इसके लीक होने के पीछे कंप्यूटर के हैक होने की भी आशंका बता रहे हैं. इन्हीं आशंकाओं के बीच आयुष विभाग ने सचिवालय प्रशासन को पत्र लिखकर मामले में जांच के लिए कह दिया है.

अपर सचिव ने की पुष्टि: आयुष विभाग में अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे ने ईटीवी भारत से बात करते हुए इस प्रकरण की पुष्टि की है. अपर सचिव विजय कुमार ने बताया कि कंप्यूटर के हैक होने की महज आशंका व्यक्त की जा रही है. इसीलिए सचिवालय प्रशासन को इस संदर्भ में उनके द्वारा पत्र लिख दिया गया है. हालांकि यह पत्र जारी होने से पहले ही कैसे सार्वजनिक हो गया, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है.

एक महीने पहले साइबर अटैक हुआ था: एक महीने पहले ही उत्तराखंड में साइबर अटैक से राज्य का पूरा कामकाज ठप हो गया था. तमाम सरकारी वेबसाइट इसकी जद में आई थीं. ई-फाइलिंग के जरिए काम बंद कर दिए गए थे. इतना ही नहीं आईटी सेल को पुराने रिकॉर्ड रिकवर करने में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. तब उस स्थिति से कई दिन बाद जाकर उत्तराखंड बाहर निकल पाया था.

आदेश लीक होने से आयुष विभाग में हड़कंप: उत्तराखंड में हुए साइबर अटैक के 1 महीने बाद आयुष विभाग से इस तरह की खबर बेहद चौंकाने वाली है. आदेश के लीक होने के बाद से ही आयुष विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है. अब इस पत्र के लीक होने के पीछे कारण क्या था, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा. हालांकि मामले में सचिवालय प्रशासन को पत्र लिखे जाने के बाद अब जल्द ही पूरे मामले की जांच की उम्मीद लगाई जा रही है.

ये आदेश जारी होने से पहले हुआ लीक: आयुष विभाग में 2 दिन पहले ही कार्यालय आदेश जारी हुआ था जो सामान्य आगामी बैठक से संबंधित था. आयुष विभाग इस बात को लेकर भी राहत की सांस ले रहा है कि कोई बेहद गोपनीय आदेश लीक नहीं हुआ. लेकिन चिंता इस बात को लेकर है कि जब बैठक से संबंधित कार्यालय आदेश जारी होने से पहले ही लीक हो सकता है, तो बाकी आदेश भी इसी तरह लीक किए जा सकते हैं. यही नहीं यदि इस कागज के लीक होने का कारण कंप्यूटर का हैक होना है, तो मामला और भी गंभीर हो जाएगा. बहरहाल अभी इस पर जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी.

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