Ankita murder case : तीन साल बीते…अब नए आरोपों से फिर चर्चा में आया मामला, उठने लगी सीबीआई जांच की मांग

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में भले ही मुख्य आरोपी पुलकित आर्या समेत तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल गई हो, लेकिन मामला अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है। वजह है वो वीआईपी जो हत्याकांड की रात रिजॉर्ट में गया था।

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मामले को तीन साल हो गए, लेकिन वीआईपी के नाम का राज आज भी बरकरार है। अब इस मामले में वीआईपी को लेकर एक वीडियो वायरल होने के बाद जो नए आरोप लगे हैं, उससे मामला फिर चर्चा में आ गया है। अब फिर से इस मामले में सीबीआई जांच की मांग उठने लगी है।

कांग्रेस ने उठाई सीबीआई जांच की मांग

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गाेदियाल ने दिल्ली में कल प्रेसवार्ता की थी। उन्होंने वायरल वीडियो भी प्रेसवार्ता में दिखाया था। जिसमें गट्टू नाम के व्यक्ति का जिक्र किया गया था। कहा गया था कि इसमें भाजपा का नेता भी शामिल है। उन्होंने सरकार पर मामला दबाने का आरोप लगया। उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दस दिनों के भीतर अगर सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।

प्रदेश में जगह-जगह प्रदर्शन

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से ही वीआईपी के नाम को लेकर लोगों में उबाल बना हुआ है। सीबीआई जांच और वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग को लेकर प्रदेशभर में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। सभी जगह पर प्रदर्शन किया और पुतला फूंककर विरोध जताया।

40 हजार फोन नंबर, 800 सीसीटीवी कैमरों की जांच, फिर भी नहीं खुला था राज

वीआईपी के एंगल पर एसआईटी टीम ने वनंत्रा रिजॉर्ट के आसपास 40 हजार फोन नंबर की लोकेशन की जांच की थी। वहीं, ऋषिकेश से हरिद्वार तक 800 सीसीटीवी कैमरा की फुटेज भी खंगाली गई थी। एसआईटी टीम ने वनंत्रा रिजॉर्ट के पास मिली फोन नंबर की लोकेशन को ट्रेस कर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। वनंत्रा में आने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई। लेकिन, वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हो पाया।

कब क्या हुआ

  • रिजॉर्ट के मालिक पुलकित ने 20 सितंबर 2022 को अंकिता के गुम होने की राजस्व क्षेत्र पट्टी उदयपुर पल्ला में शिकायत की।
  • लोगों का प्रदर्शन शुरू हुआ तो 22 सितंबर 2022 को जिलाधिकारी के आदेश से यह मामला नियमित पुलिस लक्ष्मणझूला थाने को दिया गया।
  • लक्ष्मण झूला पुलिस ने जांच की और पुलकित, अंकित और सौरभ से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने 18 सितंबर को उसकी हत्या कर दी।
  • हत्या का कारण यही आया कि तीनों उस पर अनैतिक कार्यों को करने का दबाव डाल रहे थे। राज बाहर न आए इसलिए उसे चीला नहर में धक्का दे दिया।
  • 22 सितंबर को पुलिस ने मुकदमे से अपहरण की धारा हटाकर हत्या, साक्ष्य छुपाने और आपराधिक षडयंत्र की धारा जोड़ दी।
  • 23 सितंबर को न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस दौरान भी लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया।
  • 24 सितंबर को अंकिता भंडारी का शव घटनास्थल से 13 किलोमीटर दूर चीला नहर बैराज इंटेक से बरामद किया गया।
  • 24 सितंबर को ही अंकिता का एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञों की टीम ने पोस्टमार्टम किया।
  • 24 सितंबर एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था के निर्देश मुकदमे की विवेचना के लिए डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया।
  • 26 सितंबर को तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर क्राइम सीन दोहराया गया।
  • विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धाराएं भी मुकदमे में जोड़ दी गईं।
  • 16 दिसंबर को पुलकित, अंकित और सौरभ के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़खानी और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई।
  • 30 मई 2025 को आया फैसला।

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