हल्द्वानी तीनपानी फ्लाईओवर हादसा: 3 नाबालिगों की मौत - Uttarakhand Highlights

हल्द्वानी तीनपानी फ्लाईओवर हादसा: 3 नाबालिगों की मौत

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हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे में तीन नाबालिगों की जान चली गई

जबकि कार में सवार एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में दो किशोरों की शुक्रवार को मौत हुई थी

वहीं तीसरे किशोर ने शनिवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

घायल युवती का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है।

ओवरटेक करने के दौरान बेकाबू हुई कार

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 23 अक्टूबर को दोपहर करीब

3:25 बजे फोर्ड फिगो कार बाईपास रोड पर गोलापुल की ओर से लालकुआं की तरफ जा रही थी।

इसी दौरान तीनपानी फ्लाईओवर पर चालक ने आगे चल रही एक कार को ओवरटेक करने का प्रयास किया।

बताया गया कि तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया।

कार अनियंत्रित होकर कई बार पलटी और डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी

कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार सवार चारों किशोर-किशोरी गंभीर रूप से प्रभावित हुए।

उत्कर्ष और सिद्धांत की शुक्रवार को मौत, प्रांजल ने शनिवार को तोड़ा दम

इस दुर्घटना में 16 वर्षीय उत्कर्ष धपोला और 16 वर्षीय सिद्धांत पाठक की शुक्रवार को मौत हो गई थी।

वहीं, 17 वर्षीय प्रांजल मावड़ी ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

हादसे में घायल 16 वर्षीय भाविका का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

तीनों किशोरों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कम उम्र में हुई इस त्रासदी ने परिवारों और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

इंजीनियर बनने का सपना देख रहे थे दोस्त

जानकारी के मुताबिक, उत्कर्ष और सिद्धांत साथ में कोचिंग करते थे।

दोनों जेईई परीक्षा पास कर इंजीनियर बनने की तैयारी में जुटे थे।

इसी दौरान उनकी दोस्ती प्रांजल और भाविका से हुई थी।

चारों के बीच अच्छी दोस्ती थी और वे अपने भविष्य को लेकर सपने देख रहे थे।

बताया गया कि सिद्धांत शुक्रवार को अपनी मां पुष्पलता पाठक से दोस्त उत्कर्ष से मिलने की बात कहकर घर से निकला था।

किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मुलाकात परिवार के लिए इतनी दर्दनाक याद बन जाएगी।

प्रांजल के पिता भीमताल में प्रोफेसर हैं, जबकि उसका बड़ा भाई भारतीय वायुसेना में कार्यरत है।

परिवार को प्रांजल के भविष्य से काफी उम्मीदें थीं। वहीं, उत्कर्ष का परिवार करीब एक साल पहले बागेश्वर से हल्द्वानी आया था।

उसके पिता शैलेंद्र ने हाल ही में नई कार खरीदी थी और बेटे के बेहतर भविष्य के लिए कई सपने संजोए थे।

अस्पताल पहुंचकर SSP ने घायलों का हाल जाना

हादसे की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अस्पताल पहुंचे

और घायलों के स्वास्थ्य तथा उपचार की जानकारी ली। पुलिस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।

पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने

ओवरटेक करते समय सावधानी बरतने और सड़क पर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

हल्द्वानी में पहले भी सामने आ चुके हैं गंभीर सड़क हादसे

हल्द्वानी में तेज रफ्तार वाहनों से जुड़े हादसों को लेकर एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर चर्चा शुरू हो गई है।

खबर में उल्लेखित एक अन्य घटना में स्कॉर्पियो की टक्कर से चार युवकों की मौत हुई थी।

उस घटना के बाद भी सड़क पर खड़े लोगों की सुरक्षा और वाहन चालकों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठे थे।

लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे इस बात की जरूरत को रेखांकित करते हैं

कि वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखा जाए और ओवरटेक करने जैसे जोखिम भरे कदम उठाने से बचा जाए।

तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए इस हादसे में तीन परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया।

अब घायल युवती के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद के बीच पुलिस की कार्रवाई

और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों पर आगे की जानकारी का इंतजार है।

 

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