उत्तराखंड में ऑनलाइन ट्रैफिक चालान: Paytm, PhonePe से भुगतान - Uttarakhand Highlights

उत्तराखंड में ऑनलाइन ट्रैफिक चालान: Paytm, PhonePe से भुगतान

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देहरादून: उत्तराखंड में ट्रैफिक चालान के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने डिजिटल भुगतान की सुविधा को

और आसान बनाया है। अब वाहन मालिक आधिकारिक ई-चालान पोर्टल के अलावा Paytm, PhonePe और Google Pay

जैसे डिजिटल पेमेंट ऐप्स के माध्यम से भी अपने लंबित ट्रैफिक चालान का भुगतान कर सकेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को फर्जी भुगतान लिंक से बचाना और चालान जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

उत्तराखंड पुलिस ने डिजिटल पेमेंट ऐप्स से जोड़ी चालान भुगतान सुविधा

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग ट्रैफिक चालान के नाम पर लोगों को SMS और WhatsApp के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं।

ये लिंक देखने में सरकारी वेबसाइट जैसे लगते हैं। लोग जब इन पर क्लिक करके अपनी जानकारी भरते हैं

तो उनकी बैंकिंग डिटेल और निजी जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है।

इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने के लिए ई-चालान भुगतान व्यवस्था को प्रमुख डिजिटल पेमेंट ऐप्स से जोड़ा गया है।

इससे वाहन स्वामी सुरक्षित माध्यम से अपने चालान की जानकारी प्राप्त कर भुगतान कर सकेंगे।

Paytm, PhonePe और Google Pay से ऐसे भरें चालान

नई सुविधा के तहत वाहन मालिक अपने डिजिटल पेमेंट ऐप में जाकर ट्रैफिक चालान से संबंधित विकल्प चुन सकते हैं।

इसके बाद उत्तराखंड पुलिस का विकल्प चुनकर वाहन नंबर दर्ज करना होगा।

उपलब्ध लंबित चालान की जानकारी देखने के बाद भुगतान किया जा सकता है।

यह सुविधा Paytm, PhonePe और Google Pay पर उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है।

इससे लोगों को अनजान मैसेज में मिले लिंक पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी।

भुगतान के बाद ई-चालान रिकॉर्ड होगा अपडेट

उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, डिजिटल माध्यम से भुगतान किए जाने पर ई-चालान डेटाबेस में संबंधित रिकॉर्ड स्वतः अपडेट हो जाएगा।

इससे भुगतान की पुष्टि और लंबित चालानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।

पुलिस ने यह भी बताया कि कुछ थर्ड पार्टी ऐप चालान की मूल राशि के अतिरिक्त शुल्क ले सकते हैं।

एकीकृत पेमेंट ऐप के माध्यम से प्रति चालान लगभग 3 से 4 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, इस सुविधा के जरिए अब तक 572 चालानों का भुगतान किया जा चुका है।

इन भुगतानों से कुल 6,09,100 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

ट्रैफिक चालान भरते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान

ट्रैफिक डायरेक्टर कृष्ण कुमार वीके ने लोगों से अपील की है कि वे चालान का भुगतान केवल आधिकारिक और विश्वसनीय माध्यमों से करें।

साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें: चालान की जानकारी और भुगतान के लिए ई-चालान पोर्टल पर जाएं।
  • अनजान लिंक से बचें: SMS या WhatsApp पर मिले संदिग्ध भुगतान लिंक को न खोलें।
  • OTP साझा न करें: किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वेबसाइट के साथ OTP और बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें।
  • चालान का विवरण जांचें: भुगतान से पहले वाहन नंबर और चालान की जानकारी का मिलान जरूर करें।
  • ऐप की प्रामाणिकता जांचें: भुगतान करते समय सही विभाग और आधिकारिक भुगतान विकल्प चुनें।

साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना जरूरी

डिजिटल भुगतान की सुविधा से वाहन मालिकों के लिए चालान जमा करना आसान हो सकता है।

हालांकि, साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है।

उत्तराखंड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि चालान भुगतान के दौरान सावधानी बरतें और केवल विश्वसनीय माध्यमों का इस्तेमाल करें।

 

 

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