रुद्रपुर: किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के एक बयान को लेकर भाजपा ने प्रतिक्रिया दी है।
रावत ने मतगणना के दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और लाठी लेकर पहुंचने की अपील की थी।
इसके बाद भाजपा ने इसे लेकर सवाल उठाए और अपने कार्यकर्ताओं के संयम बरतने की बात कही।
मतगणना से पहले हरीश रावत का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मंगलवार को किच्छा पहुंचे थे।
यहां कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के आवास पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के
दौरान उन्होंने मतगणना को लेकर अपनी आशंका जाहिर की।
रावत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि मतगणना के दिन वे छोटी लाठियां लेकर पहुंचें
और अपने वोट की रक्षा के लिए मुस्तैद रहें। उन्होंने आरोप लगाया
कि कहीं चुनावी नतीजों को प्रभावित करने या वोटों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश न हो।
भाजपा ने बयान पर जताई आपत्ति
रावत के बयान पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कांग्रेस की गांधीवादी विचारधारा का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया
कि अगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लाठी लेकर आने की अपील की जा रही है, तो इसका उद्देश्य क्या है।
राजेश शुक्ला ने कहा कि अगर कांग्रेस कार्यकर्ता लाठी लेकर मतगणना स्थल पर आएंगे
तो भाजपा कार्यकर्ता फूल लेकर वहां पहुंचेंगे।
उनके इस बयान के बाद किच्छा की स्थानीय राजनीति में ‘लाठी बनाम फूल’ की चर्चा शुरू हो गई।
मतगणना की निष्पक्षता को लेकर दोनों पक्षों के दावे
भाजपा की ओर से कहा गया कि मतगणना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है
और इसे शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। पार्टी ने रावत की अपील को लेकर सवाल उठाते हुए कहा
कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को ऐसी स्थिति नहीं बनानी चाहिए जिससे मतगणना की प्रक्रिया प्रभावित हो।
वहीं, हरीश रावत ने अपने बयान में चुनावी प्रक्रिया को लेकर आशंका जताई और कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की।
किच्छा में पहले भी गरमा चुका है चुनावी माहौल
किच्छा नगर पालिका चुनाव को लेकर इससे पहले भी राजनीतिक टकराव सामने आ चुका है।
सितंबर में स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़
और भाजपा से जुड़े नेताओं के बीच विवाद के बाद पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी थी।
इसी पृष्ठभूमि में मतगणना से पहले दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के
नेताओं के बयान स्थानीय राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
मतगणना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
मतगणना केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ अधिकारियों द्वारा पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराना है।
अब मतगणना के दिन किच्छा में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रहेगी।
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