यूईएफए नेशंस लीग के मुकाबलों में पुर्तगाल, डेनमार्क और नीदरलैंड्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मैचों में जीत हासिल की।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो की गैरमौजूदगी में मैदान पर उतरी पुर्तगाल की टीम ने नॉर्वे को 2-1 से मात देकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
वहीं डेनमार्क ने वेल्स और नीदरलैंड्स ने सर्बिया को हराकर अभियान में महत्वपूर्ण अंक हासिल किए।
रोनाल्डो के बिना पुर्तगाल की शानदार जीत
पुर्तगाल और नॉर्वे के बीच खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
पुर्तगाल की टीम में स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद टीम ने आक्रामक फुटबॉल का प्रदर्शन किया।
मुकाबले में नॉर्वे ने पहले बढ़त बनाने में सफलता हासिल की।
क्रिस्टोफर अजेर ने बेहतरीन हाफ-वॉली के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और मेहमान टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
हालांकि नॉर्वे की यह बढ़त ज्यादा देर नहीं टिक सकी।
इसके ठीक दो मिनट बाद पुर्तगाल के जोआओ कैंसेलो ने शानदार गोल करते हुए स्कोर बराबर कर दिया।
इसके बाद मुकाबला और रोमांचक हो गया।
दूसरे हाफ में पुर्तगाल ने लगातार नॉर्वे पर दबाव बनाया। मैच के 79वें मिनट में जोआओ फेलिक्स के शानदार पास को गोंकालो रामोस ने गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ पुर्तगाल ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली।
इसके बाद नॉर्वे ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन पुर्तगाल के डिफेंस ने मेजबान टीम को कोई और मौका नहीं दिया।
मैच के अंतिम दौर में फ्रांसिस्को कॉन्सेकाओ को
दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर जाना पड़ा, लेकिन पुर्तगाल ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
इस जीत के साथ दो बार नेशंस लीग का खिताब जीत चुकी पुर्तगाल की टीम ने ग्रुप ए4 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा।
डेनमार्क ने पेनल्टी के दम पर वेल्स को हराया
एक अन्य मुकाबले में डेनमार्क ने वेल्स को मात देकर अभियान में दूसरी जीत दर्ज की।
रासमस होजलुंड ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई और पेनल्टी को गोल में बदलकर डेनमार्क को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई।
मुकाबले की शुरुआत में वेल्स ने बेहतर खेल दिखाया।
टीम ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखते हुए डेनमार्क के डिफेंस पर दबाव बनाया।
ब्रेनन जॉनसन और लुईस कौमास ने लगातार हमले किए।
हालांकि, मैच आगे बढ़ने के साथ डेनमार्क ने अपनी लय हासिल कर ली।
पहले हाफ के अंतिम हिस्से में गुस्ताव इसाकसेन और ओलिवर प्रोवस्टगार्ड ने गोल करने के मौके बनाए
लेकिन वेल्स के गोलकीपर डैनी वार्ड ने अपनी टीम को बचाए रखा।
दूसरे हाफ में भी वार्ड ने होजलुंड और इसाकसेन के प्रयासों को रोककर वेल्स को मुकाबले में बनाए रखा।
लेकिन बाद में उनके एक गलत पास के कारण डेनमार्क को पेनल्टी मिल गई।
होजलुंड ने बिना किसी गलती के पेनल्टी को गोल में बदल दिया। यह नेशंस लीग के पिछले चार मैचों में उनका तीसरा गोल रहा।
इस जीत के साथ डेनमार्क ने वेल्स के खिलाफ अपना अजेय रिकॉर्ड पांच मुकाबलों तक पहुंचा दिया।
नीदरलैंड्स ने सर्बिया को 2-1 से हराया
आइंधोवन में खेले गए एक अन्य मुकाबले में नीदरलैंड्स ने सर्बिया को 2-1 से शिकस्त दी।
इस जीत में जोशुआ जर्कजी का गोल निर्णायक साबित हुआ।
नीदरलैंड्स ने मैच की शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और शुरुआती आधे घंटे के दौरान गेंद पर अपना नियंत्रण कायम रखा।
टीम को इसका फायदा भी मिला और ट्यून कूपमीनर्स की फ्री-किक ने नीदरलैंड्स को बढ़त दिला दी।
कूपमीनर्स की फ्री-किक खिलाड़ियों की भीड़ के बीच से निकलकर सीधे गोल में चली गई।
इसके बाद सर्बिया ने वापसी की कोशिश की और मिहाजलो श्वेतकोविच ने हेडर के जरिए स्कोर 1-1 कर दिया।
बराबरी के बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला और कड़ा हो गया।
नीदरलैंड्स ने लगातार हमले जारी रखे और मैच खत्म होने से करीब 19 मिनट पहले जोशुआ जर्कजी ने नजदीक से गोल दागकर अपनी टीम को दोबारा बढ़त दिला दी।
अंतिम मिनटों में सर्बिया ने स्कोर बराबर करने का प्रयास किया
लेकिन नीदरलैंड्स ने अपनी बढ़त कायम रखी और 2-1 से मुकाबला जीत लिया।
नीदरलैंड्स का अजेय अभियान जारी
सर्बिया के खिलाफ जीत के बाद नीदरलैंड्स ने अपने ग्रुप अभियान में दो जीत
और दो ड्रॉ का रिकॉर्ड कायम किया। टीम अब तक अजेय है।
नीदरलैंड्स के लिए एक दिलचस्प आंकड़ा यह भी रहा कि टीम ने अपने प्रत्येक मैच में गोल करने में सफलता हासिल की है
लेकिन हर मुकाबले में विपक्षी टीम को भी गोल करने का मौका मिला है।
पुर्तगाल, डेनमार्क और नीदरलैंड्स की इन जीतों ने नेशंस लीग के ग्रुप मुकाबलों को और रोमांचक बना दिया है।
जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, क्वार्टर फाइनल की तस्वीर भी और स्पष्ट होती जाएगी।
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