उत्तराखंड में भवन स्व-गणना समाप्त होने के बाद शनिवार से प्रगणक घर-घर जाएंगे। इस दौरान वह मकान पर नंबर लिखेंगे। उस घर में पहुंचकर सवाल पूछेंगे। इसके लिए प्रदेशभर को 29,567 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में बांटा गया है। इनका डिजिटल मानचित्र भी तैयार किया गया है।
मकान पर नंबर डालने या जवाब देने से नहीं कर सकते मना
मकान गणना के दौरान हर घर जहां कोई व्यक्ति रह सकता है, वहां प्रगणक जरूर जाएंगे। भवन पर नंबर डालेंगे। जानने की कोशिश करेंगे कि वह आवासीय है या नहीं। अगर आवासीय पाया गया तो वहां 33 सवाल पूछे जाएंगे। 24 मई तक यह काम पूरा होना है। निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रगणकों को कानूनी अधिकार प्राप्त हैं। लिहाजा, कोई उन्हें सवालों का जवाब देने या मकान पर नंबर डालने से मना नहीं कर सकता है। गलत जवाब देने पर कार्रवाई भी हो सकती है। प्रगणकों के साथ दुर्व्यवहार करने पर प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती है। अगर किसी ने घर पर नया रंग भी किया होगा तो जब भी नंबर डालने से मना नहीं कर सकते।
टोल फ्री नंबर से प्रगणक की ले सकते हैं जानकारी
उत्तराखंड जनगणना का टोल फ्री नंबर 1855 है। इस नंबर पर आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा इस नंबर के माध्यम से आप ये भी पता कर सकते हैं कि आपके क्षेत्र में प्रगणक कौन है। ताकि जब प्रगणक आएं तो कोई परेशानी न हो। सीएमएमएस पोर्टल से ही प्रगणकों को आईडी कार्ड मिला हुआ है। उस पर क्यूआर कोड भी होगा। हो सकता है कि वह उनके आसपास का ही शिक्षक या अन्य विभाग का कर्मचारी हो। प्रगणक सबसे पहले स्थानीय नेताओं या गणमान्य व्यक्तियों से मिलेंगे। वार्ड में पार्षद या सभासद, गांव में प्रधान से संपर्क करेंगे। इसके बाद ही काम आगे बढ़ाएंगे। पुलिस-प्रशासन को इसके लिए अलर्ट किया गया है।