मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ग्राम आर्यनगर (श्यामपुर कांगड़ी) में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत आयोजित मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सुना । और बड़ी संख्या में उपस्थित जनता को संबोधित किया। इस दौरान अधिकारियों को सभी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम ने श्यामपुर के गाजीवाली (परिवर्तित नाम आर्यनगर) में मुख्य सेवक जन चौपाल में फिर से स्पष्ट कर दिया कि नाम परिवर्तन हो चुका है। उन्होंने न केवल वक्ताओं को बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी संबोधन से लेकर लेखन तक में परिवर्तित नाम आर्यनगर का जिक्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपने से पूर्व कई वक्ताओं की ओर से आयोजन स्थल को गाजीवाली कहने पर ऐतराज जताया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब वह घोषणा कर चुके हैं तो शासनदेश की चिंता न करें। उनके इस आशय में यह भी शामिल था कि प्रशासनिक स्तर से भी लेखन में आर्यनगर ही लिखा जाए। उन्होंने कहा कि शासनादेश की चिंता शासन के अधिकारियों की है, फिलहाल वह गाजीवाली की जगह आर्यनगर कर चुके हैं। सीएम से पूर्व स्वामी यतीश्वरानंद और महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद गिरी समेत कई वक्ता बोल चुके थे। उनके संबोधन में बार-बार गाजीवाली का जिक्र किया जा रहा था।