Uttarakhand News : सामने आई एक आराम तलब बाघिन की कहानी...भारतीय वन्यजीव संस्थान ने 10 माह तक किया अध्ययन - Uttarakhand Highlights

Uttarakhand News : सामने आई एक आराम तलब बाघिन की कहानी…भारतीय वन्यजीव संस्थान ने 10 माह तक किया अध्ययन

Rain Water Harvesting

भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से एक बाघिन पर किए गए अध्ययन में उसके व्यवहार से जुड़ी रोचक जानकारी सामने आई है। देखा गया कि पूरे दिन में आधे से भी अधिक समय तक वह आराम करती है। साथ ही मौसम के अनुसार उसकी गतिविधि भी बदलती है।

अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों की ओर से महाराष्ट्र के ब्रहमपुरी वन प्रभाग में एक बाघिन पर जीपीएस कालर के साथ एक्टिविटी सेंसर(शरीर की गतिविधियों, मूवमेंट और शारीरिक संकेतों को ट्रैक किया जाता है) लगाया गया। इसके साथ ही कैमरा ट्रैप और आब्जरवेशन के जरिए भी बाघिन की गतिविधियों पर एक-दो दिन नहीं बल्कि पूरे 10 माह तक नजर रखी गई।

अध्ययन से जुड़े संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. बिलाल हबीब बताते हैं कि पहली बार किसी बाघिन पर एक्टिविटी सेंसर(एक्सेलेरोमीटर) लगाकर उसकी गतिविधियों (चाल, आराम, शिकार और लंबी दूरी की यात्रा) से जुड़ी सभी जानकारियों को जुटाया गया है। यह स्टडी इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन जर्नल में भी प्रकाशित हुई है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी होने से बाघिन के व्यवहार काे समझते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए योजना बनाने में मदद मिलेगी।

लंबी दूरी की यात्रा शाम के समय

वैज्ञानिक बिलाल बताते हैं कि अध्ययन से पता चलता है कि बाघिन दिन में 65 प्रतिशत समय आराम (मुश्किल समय में ऊर्जा बचाने की रणनीति) करने में व्यतीत करती है। यात्रा की अवधि 20 प्रतिशत तक होती है। इसके साथ ही लंबी दूरी की यात्रा शाम के समय करती है। इसके अलावा मौसम के हिसाब से भी उसकी गतिविधियों में बदलाव का पता चलता है। गर्मी-सर्दी में सुबह-शाम, जबकि मानसून में शाम के समय अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहती है।

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