चमोली जनपद में नंदानगर बाजार भी आपदा के मुहाने पर है। बाजार के बीचों बीच बहने वाली नंदाकिनी नदी जब रौद्र रुप में बहती है तो नदी किनारे निवास करने वाले लोग और दुकानदार अपने घर व प्रतिष्ठान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं। यहां कई बार नदी अपना रौद्र रुप दिखा चुकी है, बावजूद इसके नगर के सुरक्षा के इंतजाम आज तक नहीं हुए हैं। जिससे नगर का बड़ा आबादी क्षेत्र खतरे के मुहाने पर है।
नंदाकिनी नदी त्रिशूली और नंदा देवी पर्वत के बीचोंबीच पंचगंगा से होकर निकलती है। उच्च हिमालय क्षेत्र से सुतोल गांव तक नदी तीव्र ढलानों से होते हुए नंदप्रयाग में अलकनंदा में मिल जाती है। नंदाकिनी नदी नंदानगर बाजार के बीचोंबीच से होकर बहती है। नदी के दोनों तरफ बेतरतीब तरीके से निर्माण कार्य हुए हैं। जिससे बाजार क्षेत्र में नदी काफी संकरी है।