राज्य निर्वाचन आयोग को इस बार भी पंचायत चुनाव में 70 फीसदी से अधिक मतदान की उम्मीद है। अक्तूबर 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 69.59 प्रतिशत मतदान हुआ था।
पिछले चुनाव की बात करें तो 12 जिलों में सबसे अधिक मतदान ऊधमसिंह नगर और सबसे कम मतदान अल्मोड़ा जिले में हुआ था। गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी मतदाता में सबसे आगे था। ऊधमसिंह नगर में करीब 84.26 प्रतिशत मतदान हुआ था। उत्तरकाशी में 78.43 प्रतिशत हुआ था। अल्मोड़ा में 60.04 प्रतिशत, चंपावत में 67.82, नैनीताल में 75.07, पिथौरागढ़ में 65.54, बागेश्वर में 63.99 प्रतिशत मतदान हुआ था।
गढ़वाल मंडल में चमोली में 65.65, टिहरी में 61.19, देहरादून में 77.54, पौड़ी में 61.79 और रुद्रप्रयाग में 62.98 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदाताओं की संख्या में करीब पांच लाख का इजाफा हुआ है। माना जा रहा है कि मतदान प्रतिशत भी बढ़कर 70 से 75 प्रतिशत हो सकता है।
अल्मोड़ा के ताकुला, धौलादेवी, ताड़ीखेत, भैंसियाछाना, लमगड़ा और चौखुटिया। ऊधमसिंह नगर के खटीमा, सितारगंज, गदरपुर व बाजपुर। चंपावत के लोहाघाट एवं पाटी। पिथौरागढ़ के धारचूला, डीडीहाट, मुनस्यारी और कनालीछीना। नैनीताल के बेतालघाट, ओखलकांडा, रामगढ़ और धारी। बागेश्वर के बागेश्वर, गरुड़ और कपकोट। उत्तरकाशी के मोरी, पुरोला व नौगांव। चमोली के देवाल, थराली, ज्योतिर्मठ व नारायणबगड़। टिहरी गढ़वाल के जौनपुर, प्रतापनगर, जाखणीधार, थौलधार व भिलंगना। देहरादून के चकराता, कालसी व विकासनगर। पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू, पाबौ, थलीसैंण, नैनीडांडा, बीरोंखाल, रिखणीखाल, एकेश्वर व पोखड़ा और रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ, जखोली व अगस्त्यमुनि।