देहरादून: साल 2024 की विदाई के साथ ही बुधवार को साल 2025 का आगमन होने वाला है. साल 2024 उत्तराखंड के लिहाज से बेहद खास रहा है. इस साल उत्तराखंड सरकार ने तमाम ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिसने इस साल को खास बना दिया है.
इसके अलावा 2024 में उत्तराखंड ने कई बड़ी उपलब्धियां भी हासिल की हैं. ऐसे में उत्तराखंड सरकार भी कह रही है कि साल 2024 खास रहा है. अब सरकार साल 2025 को विशेष बनाने पर काम करेगी. इसके अलावा, प्रदेश में लागू होने जा रहा यूसीसी, राज्य सरकार के मूल मंत्र सरलीकरण, समाधान और निस्तारण को आगे बढ़ाएगी.
साल 2024 उत्तराखंड के लिए यादगार रहा: साल 2024 में उत्तराखंड सरकार की ओर से तमाम महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इनमें मुख्य रूप से देखें तो धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया है. इसके साथ ही सशक्त भू कानून बनाने की दिशा में भी सरकार ने तेजी से काम किया है.

इसके अलावा उत्तराखंड सरकार ने साल 2024 में कई महत्वपूर्ण और बड़े फैसले भी लिए हैं, जिनसे प्रदेश का नाम देश भर में ऊंचा हुआ है. सरकार को उम्मीद है कि साल 2024 में जो निर्णय लिए गए हैं, वह आने वाले समय में काफी फायदेमंद साबित होंगे.

- साल 2024 में सरकार की बड़ी उपलब्धियों में मुख्य रूप से देखें तो-
- एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखंड राज्य, देश में पहले पायदान पर पहुंचा
- राज्य में प्रति व्यक्ति आय ढाई लाख के पार पहुंच गई
- विश्व पर्यटन दिवस पर उत्तराखंड के चार गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार से सम्मानित किया गया
इसके अलावा, उत्तराखंड सरकार ने भी तमाम बड़े निर्णय भी लिए. इसके तहत-
- उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 फ़ीसदी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था
- वृद्धावस्था पेंशन को 1500 रुपए किया
- पति और पत्नी दोनों को अलग- अलग पेंशन का लाभ दिए जाने की व्यवस्था की गई
इसके अलावा, साल 2023 में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेश प्रस्ताव में से करीब 81 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश धरातल पर उतारे गए. इसके साथ ही
- सख्त दंगा विरोधी कानून को लागू किया गया
- प्रदेश में कब्जाई गई सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करते हुए करीब 5000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया गया
- भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के तहत साल 2024 में 38 रिश्वतखोरों को जेल भेजा गया
- शहीद आश्रित अनुदान राशि को 10 लाख से 50 लाख किया गया
- प्रदेश के 11:50 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 50 फीसदी सब्सिडी का लाभ दिए जाने का प्रावधान किया गया
इसके अलावा उत्तराखंड में पहली बार विश्व आयुर्वेद कांग्रेस का आयोजन किया गया जिसमें 40 से अधिक देशों के विशेषज्ञों के साथ ही 6 हज़ार से अधिक डेलीगेट शामिल हुए.
- पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का संचालन शुरू किया गया
- भू कानून के लिए जमीनी रोड मैप तैयार किया गया
- भू कानून के उल्लंघन संबंधित शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच अभियान चलाया गया
- सख्त भू कानून के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई
- दिल्ली में उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह भी बनकर तैयार हो गया जिसमें आम लोग भी रुक सकेंगे
- उत्तराखंड सरकार ने शीतकालीन यात्रा पर विशेष जोर दिया
- साल 2024 में हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हुई
- मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की गई
- मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना 2024 का शुभारंभ, मोबाइल लर्निंग स्कूल बस को हरी झंडी
सीएम बोले- रजत जयंती वर्ष को विशेष बनाएंगे: साल 2024 की उपलब्धियां के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस साल बहुत सारी उपलब्धियां राज्य को मिली हैं. सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तराखंड राज्य पहले पायदान पर रहा. प्रदेश की बेरोजगारी दर में चार फ़ीसदी की कमी आई है. साथ ही राष्ट्रीय बेरोजगारी दर को भी पीछे छोड़ दिया है.
ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग में अच्छा काम किया है. राजस्व का कलेक्शन बढ़ा है. जीएसटी भी बढ़ा है. राज्य के जीएसडीपी में करीब 33 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. इसके अलावा उत्तराखंड सरकार ने इस साल तमाम महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं. कुल मिलाकर साल 2024 कई मामलों के लिहाज से बेहद खास रहा है. साल 2025 राज्य के लिए विशेष वर्ष है. क्योंकि साल 2025 राज्य का रजत जयंती वर्ष है. ऐसे में साल 2025 को विशेष बनाने के लिए काम करेंगे.

जनवरी 2025 में लागू होगा यूसीसी: नए साल यानी साल 2025 के जनवरी महीने में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का एक्ट बनकर तैयार हो गया है जो जनवरी 2025 में लागू किया जाएगा. वर्तमान समय में यूसीसी से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिए जाने का कार्य किया जा रहा है.

यूनिफॉर्म सिविल कोड से संबंधित सभी विभागों को जो जिम्मेदारी दी गई है, वो विभाग काम कर रहे हैं. सरलीकरण, समाधान और निस्तारण राज्य सरकार का मंत्र रहा है. ऐसे में यूसीसी भी सरकार के इसी मंत्र को आगे बढ़ाएगा.