Rishikesh Haridwar: कॉरिडोर योजना को लेकर बैठक, व्यापारियों के संशय को दूर करने का किया गया प्रयास - Uttarakhand Highlights

Rishikesh Haridwar: कॉरिडोर योजना को लेकर बैठक, व्यापारियों के संशय को दूर करने का किया गया प्रयास

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हरिद्वार: ऋषिकेश हरिद्वार कॉरिडोर योजना को लेकर व्यापारी संशय में है. खासकर कॉरिडोर के तहत तोड़फोड़ की संभावना को लेकर व्यापारियों में चिंता है. ऐसे में इसी स्थिति को साफ करने को लेकर आज व्यापार मंडल के पदाधिकारी के साथ जिला प्रशासन और ऋषिकेश हरिद्वार कॉरिडोर योजना की सलाहकार समिति के साथ बैठक हुई. जिसमें कई मुद्दों पर बात हुई.

हरिद्वार सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम पंवार, एसडीएम अजयवीर सिंह और सलाहकार सुनीत गुप्ता की मौजूदगी में हुई बैठक में व्यापारियों ने साफ कहा कि उनका उत्पीड़न और तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर ऐसा कुछ किया गया तो व्यापारी अपने हितों की लड़ाई लड़ने के लिए विवश होगा. इस दौरान सर्वे की जानकारी व्यापारियों को देने की बात कही गई. साथ ही स्पष्ट किया गया कि हरिद्वार में अभी कोई तोड़फोड़ नहीं हो रही है. हरिद्वार कॉरिडोर का कोई भी कार्य अभी नहीं किया जा रहा है. हरिद्वार के सर्वांगीण विकास के लिए सर्वे का कार्य हो रहा है.

क्या बोले हरिद्वार एसडीएम अजय वीर सिंह? हरिद्वार एसडीएम अजय वीर सिंह का कहना है कि हरिद्वार के व्यापक विकास के लिए कॉरिडोर का काम किया जाना है. अभी उसका सर्वे किया जा रहा है. जिसको लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों में मन में कई तरह के संशय हैं, उनको दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही कहा गया है कि सर्वे के काम में सभी इनपुट लिए जा रहे हैं. इन्हीं इनपुट के आधार पर प्लानिंग की जाएगी. जिस पर दोबारा से कंसर्न किया जाएगा. कई लोगों के सुझाव भी मिले हैं. जिसमें कुंभ स्ट्रक्चर, बस अड्डे की लोकेशन आदि को लेकर सुझाव मिले हैं.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि सर्वे के कार्य के दौरान किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं हो रही है. मौके की स्थिति क्या है? उसको मापा जा रहा है. जो भी काम होगा, सबके सुझाव पर होगा. उन्होंने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि आगे की जो भी काम होंगे, वो टाइमलाइन बनाकर किए जाएंगे. जिसे सबके साथ साझा किया जाएगा. जिसमें सर्वे टीम कहां काम करेगी और जहां वो काम करने जा रही है, वहां पर व्यापारियों की सहभागिता भी ली जाएगी. साथ ही उनके भी सुझाव लिए जाएंगे.

किसी भी सूरत में तोड़फोड़ नहीं की जाएगी बर्दाश्त: हरिद्वार व्यापार मंडल के जिला महामंत्री संजीव नैय्यर का कहना है कि अगर हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर योजना में तोड़फोड़ हुई तो वो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे, लेकिन तोड़फोड़ की जगह सौंदर्यीकरण होगा तो उसका स्वागत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र की भूमि को लेकर भ्रम की स्थिति है. जबकि, वो भूमि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की है. इसलिए खाली भूमि में कॉरिडोर योजना बनाने को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. साथ ही कहा कि व्यापारी किसी भी तरह से अपना शोषण बर्दाश्त नहीं करेगा.

हरिद्वार व्यापार मंडल के अध्यक्ष बोले- हरिद्वार को बना दिया प्रयोगशाला: हरिद्वार व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव पराशर ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने हरिद्वार को प्रयोगशाला बना दिया है. जो भी योजना लाई जाती है तो उसे पहले यहीं पर लाने का प्रयास किया जाता है. पहले पॉड टैक्सी योजना अब ऋषिकेश हरिद्वार कॉरिडोर योजना लाने की बात हो रही है. उनका आरोप है कि यह सर्वे हरिद्वार में किया जा रहा है, लेकिन ऋषिकेश में नहीं किया जा रहा है. जबकि, पहले ऋषिकेश से सर्वे किया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारियों की पीड़ा समझकर इस योजना पर काम करना होगा. उन्होंने जल्द ही व्यापारियों की एक बड़ी बैठक बुलाने की बात कही.

ऋषिकेश हरिद्वार कॉरिडोर योजना के सलाहकार समिति ने स्थिति की स्पष्ट: ऋषिकेश हरिद्वार कॉरिडोर योजना के सलाहकार समिति के टीम लीडर सुनीत गुप्ता का कहना है कि व्यापारियों को कंफ्यूजन है कि दुकानों को तोड़ने की योजना बनाई जा रही है. जबकि, सरकार की तरफ से अभी तक कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं. अभी सिर्फ सर्वे हो रहा है. सर्वे में आकलन किया जाएगा कि कहां-कहां पर किन-किन चीजों की आवश्यकता है. कहां पर फुटपाथ बनना है? कहां पर लाइटें लगानी है. घाटों का सौंदर्यीकरण किस तरह से होना है या अन्य विकास के कार्य किस तरह से किए जाने हैं. इसको लेकर सरकार की तरफ से ऐसा कोई निर्देश नहीं आया है.

उन्होंने कहा कि अभी तक कोई ऐसा प्लान नहीं बनाया गया है कि जिसमें किस जगह पर दुकान या मकान को तोड़ना है? अभी सिर्फ विकास कार्यों के लिए सर्वे हो रहा है. सुनीत गुप्ता ने ये भी कहा कि यह पॉड टैक्सी वाला काम नहीं है. इसमें जो मुख्य सड़क है, उन्हें बनाया जाएगा. घाटों का विकास होगा. जो मुख्य मंदिर है, उनमें यात्री सुविधाओं का विकास होना है. सर्वे विभिन्न चरणों में चल रहा है. अभी द्वितीय चरण का सर्वे चल रहा है. जो इसी महीने पूरा हो जाएगा. उसके बाद ग्राउंड पेनिट्रेशन सर्वे किया जाएगा. जिसमें सड़क के नीचे क्या-क्या सुविधाएं हैं, कहां-कहां पर सीवर और वाटर सप्लाई है, इसका सर्वे किया जाएगा.

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