Kedarnath में फंसे यात्रियों को दी जा रही राहत सामाग्री, मंदिर समिति रख रही यात्रियों का ध्यान - Uttarakhand Highlights

Kedarnath में फंसे यात्रियों को दी जा रही राहत सामाग्री, मंदिर समिति रख रही यात्रियों का ध्यान

Rain Water Harvesting

31 जुलाई की रात को केदारनाथ पैदल मार्ग ध्वस्त हो जाने के बाद केदारनाथ धाम में कई यात्री फंस गये. केदारनाथ धाम में फंसे यात्रियों को मंदिर समिति लगातार राहत पहुंचाने में लगी है. मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया मंदिर में आए फलों और अन्य सामग्रियों की मदद से यात्रियों के खाने-पीने का इंतजाम किया जा रहा है.

अभी भी केदारनाथ धाम में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री मौजूद हैं. उन्होंने बताया मंदिर समिति द्वारा तीर्थयात्रियों का यथा संभव ध्यान रखा जा रहा है. आज मंदिर समिति की ओर से तीर्थयात्रियों को केदारनाथ हैलीपेड पर फल‌ वितरित किये. प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए पीने का पानी, बिस्कुट, नमकीन उपलब्ध कराया. गढ़वाल मंडल विकास निगम ने तीर्थयात्रियों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया है.

एमआई-17 ने भरी उड़ान,15 तीर्थयात्रियों को गौचर पहुंचाया: उन्होंने बताया केदारनाथ मंदिर में बीते बुधवार देर शाम 31जुलाई दर्शन हेतु 2965 तीर्थयात्री पहुंचे थे. उनमें से कुछ वापस गुप्तकाशी सकुशल पहुंच गये थे. कुछ तीर्थयात्रियों को लिंचौली से रेस्क्यू कर प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से गुप्तकाशी पहुंचाया. आज भी एमआई-17 ने उड़ान भरी. 15 तीर्थयात्रियों को गौचर तक पहुंचाया गया. केदारनाथ में लगातार बदल रहे मौसम के चलते हेली सेवाएं बाधित हो रही हैं. मंदिर समिति केदारनाथ धाम में मौजूद तीर्थयात्रियों की समस्याओं को सुन रही है. यात्रियों को हो रही परेशानियों का निराकरण भी किया जा रहा है.

केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर पड़ने वाले जंगलचट्टी (लिंचौली) में बुधवार 31 जुलाई बादल फटने के बाद केदारनाथ धाम में मौजूद तीर्थयात्रियों की समय के साथ साथ परेशानी बढ़ती जा रही है. बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय के अनुसार तीर्थयात्रियों को मंदिर में दर्शन के पश्चात उचित सहायता मार्गदर्शन दिया गया है कि बरसात के दौरान सुरक्षित स्थानों में रुके. उन्होंने धाम में मौजूद तीर्थयात्रियों से अपील की है कि मार्ग की स्थिति ठीक होने और मौसम को देखते हुए ही आगे बढ़े.

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *