Dehradun : ED के पूछताछ के बाद हरक सिंह रावत आए सामने- कहा मेरा दोष सिर्फ इतना, अच्छे उद्देश्य के लिए किया काम - Uttarakhand Highlights

Dehradun : ED के पूछताछ के बाद हरक सिंह रावत आए सामने- कहा मेरा दोष सिर्फ इतना, अच्छे उद्देश्य के लिए किया काम

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देहरादून (उत्तराखंड): पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत से बीते दिन ईडी ने पूछताछ की. ईडी ने करीब 12 घंटे तक हरक सिंह रावत से पूछताछ की. वहीं पूछताछ के बाद हरक सिंह रावत ने कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और आज देश में आपातकाल जैसी स्थिति हो गई है. उन्होंने कहा कि मेरा दोष सिर्फ इतना है कि मैंने अच्छे उद्देश्य के लिए काम किया.

भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का कर रही दुरुपयोग: पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का कहना है कि जिस प्रकार बीते दिनों कांग्रेस ने ईडी का घेराव किया और मेरे द्वारा भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर भाग लिया गया, उससे भाजपा बैकफुट में आई हुई है. कहा कि देश में ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स का दुरुपयोग हो रहा है, नेता विपक्ष राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने इस बात को संसद में उठाया था. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और लोगों को परेशान कर जेल भेज रही हैं. जिस कानून के तहत आतंकवादियों को जेल भेजना चाहिए, उस कानून के तहत विपक्ष को जेल भेजा जा रहा है. साथ ही उनकी जांच कराई जा रही है.

देश में आपातकाल जैसी स्थिति: उन्होंने कहा कि आज देश में आपातकाल जैसी स्थिति हो गई है. हरक सिंह रावत ने कहा कि ईडी के अधिकारियों से उनकी कोई नाराजगी नहीं है, क्योंकि वो नौकरी कर रहे हैं, उनको जो निर्देश होते हैं वो उसका पालन कर रहे हैं. ईडी ने जिस तरह उनसे पाखरों टाइगर सफारी उत्तराखंड के लिए बहुत अच्छा प्रोजेक्ट है. उन्होंने कहा कि पाखरों टाइगर सफारी बननी चाहिए, ऐसे अच्छे प्रोजेक्ट के लिए ईडी, सीबीआई या कोई भी एजेंसी और देश की कोई भी अदालत सजा देने के लिए तैयार है, तो मैं उस सजा को भुगतने के लिए तैयार हूं. क्योंकि मैंने एक अच्छे उद्देश्य के लिए काम किया. उत्तराखंड के भले के लिए काम किया.

मेरा दोष सिर्फ इतना अच्छे उद्देश्य के लिए किया काम: इसके बनने से लाखों लोगों को रोजगार मिलता. आज पाखरों टाइगर सफारी बन गई होती तो, दिल्ली से लेकर कोटद्वार तक, जौलीग्रांट से लेकर कोटद्वार तक, हरिद्वार रेलवे स्टेशन से लेकर कोटद्वार तक कई लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते. मेरा दोष सिर्फ इतना है कि मैंने अच्छे उद्देश्य के लिए काम किया. वन मंत्री रहते हुए देहरादून में जू बनाया है, जिसका दुनिया के टॉप 10 में नाम आता है तो क्या मैंने कोई अपराध किया है. मैंने दून मेडिकल कॉलेज बनाया तो क्या मुझे कोई व्यक्तिगत फायदा हुआ. पाखरों टाइगर सफारी मामले में जिस प्रकार उन पर आरोप हैं उन्होंने ईडी के सामने दस्तावेजों दिए हैं.

ये है पूरा मामला: हरक सिंह रावत से जुड़ा यह सारा मामला तब शुरू हुआ, जब कॉर्बेट नेशनल पार्क के पाखरो रेंज में टाइगर सफारी की योजना बनाई गई थी. साल 2019 में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व की पाखरो टाइगर रेंज सफारी बनाने के लिए 106 हेक्टेयर क्षेत्र में 163 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी. लेकिन बिना अनुमति के 6093 पेड़ काट दिए गए थे. तभी ये मामला सुर्खियों में है. इस मामले में कई फॉरेस्ट अधिकारी नप चुके हैं. तत्कालीन वन मंत्री हरक सिंह रावत कभी विजिलेंस तो कभी सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं. अब ईडी भी हरक सिंह रावत से इस मामले में लगातार पूछताछ कर रही है.

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