पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पौड़ी जिले में गुलदार के हमले की घटना सामने आई है।
एकेश्वर विकासखंड के ईड़ा मल्ला क्षेत्र के श्रीकोटखाल में घास काटने गई 55 वर्षीय महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया।
महिला के गाल, जबड़े और पीठ पर चोटें आई हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घर से कुछ दूरी पर हुआ गुलदार का हमला
जानकारी के मुताबिक, ईड़ा मल्ला निवासी लीला देवी शुक्रवार सुबह अपने घर से लगभग 300 मीटर दूर घास काटने गई थीं।
इसी दौरान गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला घायल हो गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना पर चिंता जताते हुए एआईसीसी सदस्य राजपाल बिष्ट ने कहा
कि पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
जंगलों के आसपास बसे गांवों में रहने वाले लोगों के लिए रोजमर्रा के काम करना भी जोखिम भरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अक्सर पशुओं के लिए घास और चारा लेने जंगलों या आसपास के इलाकों में जाना पड़ता है।
ऐसे में गुलदार की सक्रियता उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।
राजपाल बिष्ट ने यह भी कहा कि पहाड़ों में पलायन पहले से ही एक बड़ी समस्या है।
वन्यजीवों के हमलों और उनके डर के कारण गांवों में रहने वाले लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
वन विभाग की टीम मौके पर तैनात
पौड़ी वन प्रभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट के अनुसार, घायल महिला को उपचार के लिए सतपुली ले जाया गया है।
घटना के बाद वन विभाग की टीम को मौके पर तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि टीम घटनास्थल और आसपास के इलाकों में गश्त करेगी तथा गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने निगरानी बढ़ाने की मांग की
घटना के बाद ईड़ा मल्ला और आसपास के ग्रामीणों में डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों की मांग है
कि वन विभाग क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाए
ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
ग्रामीणों के लिए घास और चारा जुटाना रोजमर्रा की जरूरत है।
ऐसे में प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी इंतजाम और जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ये भी पढ़े : https://uttarakhandhighlights.com/2026/10/23/dehradun-paltan-bazaar-no-entry-timings/
![]()