उत्तराखंड NSUI में 6 कार्यकर्ताओं का निष्कासन बहाल, आदेश जारी - Uttarakhand Highlights

उत्तराखंड NSUI में 6 कार्यकर्ताओं का निष्कासन बहाल, आदेश जारी

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देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने छह कार्यकर्ताओं का निष्कासन बहाल कर दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की संस्तुति के बाद यह निर्णय लिया।

संगठन की ओर से जारी आदेश के तहत संबंधित छात्र नेताओं को दोबारा संगठन में शामिल किया गया है।

इन छह कार्यकर्ताओं की हुई बहाली

प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, बहाल किए गए कार्यकर्ताओं में

चमोली जिले के जिला अध्यक्ष विपिन फर्स्वाण सहित पांच विश्वविद्यालय प्रतिनिधि शामिल हैं। सूची में निम्न नाम हैं:

  • विपिन फर्स्वाण — जिला अध्यक्ष, चमोली
  • ललित सिंह — विश्वविद्यालय प्रतिनिधि, गोपेश्वर
  • विशाल सिंह — विश्वविद्यालय प्रतिनिधि, कर्णप्रयाग
  • सुमित सिंह — विश्वविद्यालय प्रतिनिधि, जोशीमठ
  • गौरव कुमार — विश्वविद्यालय प्रतिनिधि, नारायणबगड़
  • अजय सिंह — विश्वविद्यालय प्रतिनिधि, नंदानगर घाट

छात्र हितों के लिए काम करने की उम्मीद

प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि NSUI छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय नेतृत्व की संस्तुति के बाद छह कार्यकर्ताओं की बहाली का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी कार्यकर्ता संगठन के नियमों

और अनुशासन का पालन करते हुए छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को पूरी निष्ठा के साथ उठाएंगे।

साथ ही, संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

एकजुटता और अनुशासन पर दिया जोर

विकास नेगी ने संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं के बीच आपसी समन्वय, अनुशासन

और एकजुटता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा

कि मिलकर काम करने से छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्रभावी तरीके से सामने लाने

और उनके अधिकारों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।

वहीं, उत्तराखंड NSUI कमेटी के महासचिव (संगठन) राजेंद्र सिंह भंडारी ने बहाल किए गए

छात्र नेताओं को लेकर कहा कि वे कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने के लिए काम करते रहेंगे।

छह कार्यकर्ताओं की बहाली को संगठन में उनकी दोबारा भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है।

अब इन कार्यकर्ताओं से छात्र हितों के मुद्दों पर सक्रियता और संगठनात्मक गतिविधियों में योगदान की अपेक्षा की जा रही है।

 

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