मसूरी दशहरा : 80 साल के चंद्रभान 60 साल से बन रहे हनुमान - Uttarakhand Highlights

मसूरी दशहरा : 80 साल के चंद्रभान 60 साल से बन रहे हनुमान

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मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में दशहरे का पर्व धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर श्री सनातन धर्म मंदिर से भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई

जो शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होते हुए गांधी चौक पहुंची। यहां रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।

हालांकि, इस बार शोभायात्रा में सबसे अधिक ध्यान 80 वर्षीय ठाकुर चंद्रभान ने खींचा

जो पिछले करीब छह दशकों से हनुमान जी का किरदार निभाते आ रहे हैं।

उम्र के इस पड़ाव पर भी चंद्रभान का उत्साह और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

हनुमान की वेशभूषा धारण कर वह शोभायात्रा में शामिल हुए और रास्ते भर जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहे।

उनकी ऊर्जा और धार्मिक परंपरा के प्रति समर्पण को देखकर श्रद्धालुओं ने उनका उत्साह बढ़ाया।

भगवान श्रीराम की झांकियों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

दशहरे के अवसर पर श्री सनातन धर्म मंदिर में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ।

शोभायात्रा मलिंगार चौक, गुरुद्वारा चौक, लंढौर बाजार, घंटाघर, कुलड़ी और माल रोड से होते हुए गांधी चौक पहुंची।

इसमें भगवान श्रीराम, राम दरबार, वनवासी राम परिवार, भगवान शिव और मां दुर्गा की आकर्षक झांकियां शामिल थीं।

मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने झांकियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

स्थानीय लोक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करते हुए आयोजन की रौनक बढ़ाई।

शोभायात्रा के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी।

धार्मिक झांकियों, बैंड-बाजों और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

गांधी चौक पर रावण दहन, मंदिर में हुआ भगवान राम का राजतिलक

शोभायात्रा के कुलड़ी पहुंचने पर श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति की ओर से भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की गई

और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद गांधी चौक पर

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर समिति ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए।

बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के बीच रावण के पुतले का दहन किया गया।

इस आयोजन के जरिए बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया।

रावण दहन के बाद शोभायात्रा वापस श्री सनातन धर्म मंदिर पहुंची।

यहां भगवान श्रीराम का राजतिलक किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया।

छह दशक से हनुमान बन रहे ठाकुर चंद्रभान

इस बार मसूरी की दशहरा शोभायात्रा में 80 वर्षीय ठाकुर चंद्रभान विशेष आकर्षण रहे।

वह पिछले लगभग 60 वर्षों से इस आयोजन में हनुमान जी का किरदार निभा रहे हैं।

इस बार भी उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

चंद्रभान मलिंगार चौक से पिक्चर पैलेस और गांधी चौक तक पैदल चलते हुए जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहे।

हाथ में गदा लिए वह लोगों को आशीर्वाद भी देते नजर आए। उनकी सक्रियता

और निरंतर भागीदारी ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

स्थानीय लोगों ने उनके समर्पण की सराहना की।

उनके लिए यह भूमिका केवल शोभायात्रा का हिस्सा बनने तक सीमित नहीं

बल्कि भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा और वर्षों से निभाई जा रही धार्मिक परंपरा से जुड़ी है।

नई पीढ़ी को धार्मिक विरासत से जोड़ रही है परंपरा

मसूरी में दशहरे की शोभायात्रा शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

ठाकुर चंद्रभान का लगातार छह दशकों तक इसमें शामिल होना इस परंपरा के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है।

उनकी भागीदारी यह भी दिखाती है कि स्थानीय त्योहारों

और धार्मिक आयोजनों को जीवंत बनाए रखने में उन लोगों की अहम भूमिका होती है

जो लंबे समय तक उनसे जुड़े रहते हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को स्थानीय संस्कृति

धार्मिक मान्यताओं और सामूहिक उत्सवों से परिचित कराने का अवसर देते हैं।

वर्षों से चली आ रही है मसूरी की दशहरा शोभायात्रा

मालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी और शोभायात्रा समिति के सदस्य संजय अग्रवाल के अनुसार

मसूरी में दशहरे की शोभायात्रा लंबे समय से आयोजित की जा रही है।

इसे देखने के लिए शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

आयोजकों के मुताबिक, दशहरा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है

बल्कि यह धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।

इस वर्ष भी शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही और शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला।

मसूरी के दशहरे में रावण दहन ने जहां बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया

वहीं 80 वर्षीय ठाकुर चंद्रभान की मौजूदगी ने आयोजन को एक खास पहचान दी।

करीब छह दशक से हनुमान का किरदार निभाकर वह शहर की इस परंपरा से लगातार जुड़े हुए हैं।

 

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