देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है।
इस मामले में कांग्रेस ने मंत्री के प्रति सहानुभूति जताते हुए कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए
प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या आयकर विभाग से जांच कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस का कहना है कि एक ओर रेखा आर्या ने अपने पति पर घरेलू हिंसा और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं
वहीं दूसरी ओर उनके पति ने मंत्री पर कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए हैं।
पार्टी के अनुसार, इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने आ सके।
रेखा आर्या प्रकरण पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने उत्तराखंड सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा
कि रेखा आर्या राज्य में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
ऐसे में उनके सामने आए घरेलू विवाद ने महिलाओं की सुरक्षा और न्याय से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।
धस्माना ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा
कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार में जिम्मेदार पद पर बैठी महिला मंत्री ही इस तरह के आरोप लगा रही हैं
तो आम महिलाओं की समस्याओं को लेकर व्यवस्था कितनी संवेदनशील है।
कथित 210 करोड़ की संपत्ति के आरोपों की जांच की मांग
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि गिरधारी लाल साहू की ओर से रेखा आर्या पर
कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं।
कांग्रेस का कहना है कि इन आरोपों की जांच किसी सक्षम और स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ED, CBI या आयकर विभाग जांच करे।
कांग्रेस के मुताबिक, जांच का उद्देश्य किसी को पहले से दोषी ठहराना नहीं, बल्कि आरोपों की वास्तविकता सामने लाना होना चाहिए।
हालांकि, संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी आवश्यक है।
केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।
रेखा आर्या को समर्थन देने की बात कह रही कांग्रेस
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि घरेलू हिंसा से जुड़े आरोपों के मामले में रेखा आर्या को न्याय नहीं मिलता है
तो पार्टी उनके साथ खड़ी होगी। धस्माना ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों
और सुरक्षा के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाती रही है।
उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह कांग्रेस न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रही है
उसी तरह घरेलू हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को भी समर्थन दिया जाएगा।
पार्टी ने रेखा आर्या के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई है।
ऑडियो जारी कर रेखा आर्या ने लगाए थे गंभीर आरोप
इस विवाद के बीच रेखा आर्या ने हाल ही में एक भावुक ऑडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर कथित मारपीट
उत्पीड़न, दूसरी शादी की जानकारी छिपाने और जान से मारने की योजना बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
इन आरोपों के सामने आने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में विवाद तेज हो गया।
इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने भी एक वीडियो जारी कर रेखा आर्या पर कथित तौर पर
210 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया।
इस घटनाक्रम ने घरेलू विवाद के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आरोपों को भी राजनीतिक बहस का विषय बना दिया।
संपत्ति के आरोपों पर रेखा आर्या ने दिया जवाब
अपने ऊपर लगाए गए संपत्ति संबंधी आरोपों पर रेखा आर्या ने जवाब देते हुए आरोपों को निराधार बताया।
उन्होंने गोल्ज्यू देवता की शपथ लेकर कहा कि उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है।
मंत्री ने चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ आरोप लगाने वालों के पास कोई ठोस सबूत है
तो उसे सार्वजनिक किया जाए और नियमानुसार जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने आनी चाहिए।
फिलहाल इस पूरे मामले में घरेलू विवाद, संपत्ति संबंधी आरोप
और राजनीतिक बयानबाजी एक साथ सामने आ रहे हैं।
ऐसे में निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
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