Rudrapur News: ऊधम सिंह नगर जिले में सरकारी स्तर पर धान खरीद शुरू नहीं होने से
नाराज किसानों ने सोमवार को रुद्रपुर अनाज मंडी में धरना-प्रदर्शन किया।
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने सरकारी खरीद
केंद्रों पर तत्काल धान खरीद शुरू कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बाद में काशीपुर रोड की एक लेन पर जाम लगा दिया।
करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद किसानों ने जाम हटाया।
सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों की परेशानी
किसानों का कहना है कि कई दिनों पहले ही धान की कटाई शुरू हो चुकी है
और बड़ी मात्रा में उपज मंडी पहुंच चुकी है।
इसके बावजूद सरकारी खरीद व्यवस्था अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है।
आमतौर पर उत्तराखंड में धान की सरकारी खरीद सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर की शुरुआत में शुरू हो जाती है।
किसानों के मुताबिक इस बार खरीद प्रक्रिया में देरी होने से उन्हें अपनी फसल निजी व्यापारियों को कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है।
तराई किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह विर्क ने कहा कि मंडी में करीब 50 फीसदी धान पहुंच चुका है
लेकिन सरकारी खरीद अभी भी व्यवस्थित तरीके से शुरू नहीं हुई है।
उनके अनुसार किसान मजबूरी में निजी व्यापारियों को लगभग 1,600 से 1,700 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर धान बेच रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि यह मजबूरी में की जा रही बिक्री है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर किसानों ने हाईवे किया जाम
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि वे अपनी समस्याओं को लेकर वरिष्ठ जिला प्रशासनिक अधिकारियों का इंतजार कर रहे थे।
किसानों की मांग थी कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनका ज्ञापन लें और सरकारी खरीद शुरू कराने को लेकर स्पष्ट आश्वासन दें।
जब काफी देर तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो किसान काशीपुर रोड की ओर बढ़ गए
और हाईवे की एक लेन पर बैठकर यातायात रोक दिया।
जाम की सूचना मिलने के बाद सर्किल अधिकारी विभव सैनी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने किसानों से बातचीत कर सड़क से हटने की अपील की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।
पोर्टल की समस्या और मजदूरों की कमी का हवाला
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी ने कहा
कि किसान कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रख रहे हैं
लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सरकारी खरीद केंद्र पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों का हवाला दे रहे हैं
जबकि कुछ केंद्रों पर मजदूरों की कमी बताई जा रही है।
किसान नेता ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी का खामियाजा किसानों को नहीं भुगतना चाहिए।
15-20 मिनट का दिया अल्टीमेटम
किसान नेताओं तेजेंद्र सिंह विर्क और सलविंदर सिंह कलसी ने प्रशासन को चेतावनी दी
कि यदि 15 से 20 मिनट के भीतर कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर
धान खरीद शुरू कराने को लेकर ठोस आश्वासन नहीं देता
तो हाईवे की दूसरी लेन को भी बंद कर दिया जाएगा।
इस चेतावनी के बाद प्रशासन में हलचल बढ़ी और रुद्रपुर के उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे।
SDM ने किसानों को दिया कार्रवाई का आश्वासन
कुछ देर बाद रुद्रपुर के उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
SDM ने कहा कि किसानों की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है
और मामले की जानकारी सरकार एवं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे।
इसके बाद किसानों ने अपनी मांगों को प्रशासन के सामने दोहराया।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों ने प्रशासन से सरकारी धान खरीद व्यवस्था को तत्काल सुचारु करने की मांग की।
उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- सरकारी खरीद पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को दूर करना।
- सभी सरकारी खरीद केंद्रों पर पर्याप्त मजदूरों की व्यवस्था करना।
- सभी केंद्रों पर तत्काल धान खरीद शुरू करना।
- किसानों को निजी व्यापारियों के हाथों कम कीमत पर फसल बेचने से बचाना।
- खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की प्रशासनिक बाधा को जल्द दूर करना।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
रुद्रपुर में किसानों के प्रदर्शन और सड़क जाम ने एक बार फिर सरकारी धान खरीद व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब किसानों की नजर प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद होने वाली कार्रवाई पर है।
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