देहरादून: राजधानी देहरादून में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है।
आरोप है कि कॉल सेंटर में अवैध तरीके से सिम बॉक्स का इस्तेमाल कर लोगों को फोन किए जा रहे थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कंपनी के मैनेजर और रीजनल मैनेजर को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई जीएमएस रोड स्थित कमला पैलेस के पास कैरियर हाउस बिल्डिंग में की गई।
यहां SINGH ASSET RECON SERVICES PRIVATE LIMITED (SARS) के कार्यालय में एसटीएफ
साइबर क्राइम पुलिस और दूरसंचार विभाग की टीम ने छापा मारा।
देहरादून में अवैध सिम बॉक्स से चल रहा था कॉल सेंटर
एसटीएफ के अनुसार, शुरुआती सूचना मिलने के बाद टीम ने तकनीकी जांच और साक्ष्य जुटाए।
इसके बाद दूरसंचार विभाग की टीम को साथ लेकर कार्यालय में कार्रवाई की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस को 32 स्लॉट वाला DINSTAR सिम बॉक्स
45 सिम कार्ड, लैपटॉप, दो राउटर, दो एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले।
बरामद सामान को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
लैपटॉप में मिला बैंक ग्राहकों से जुड़ा डेटा
जांच के दौरान पुलिस को लैपटॉप में विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संबंधित क्रेडिट कार्ड ग्राहकों का डेटा मिलने की बात सामने आई है।
इसमें SBI, Bank of Baroda, Axis Bank, Poonawalla Finance, Yes Bank और RBL जैसे संस्थानों के नाम शामिल बताए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में लक्ष्मण प्रसाद और जगमोहन सिंह रावत को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण प्रसाद कंपनी में मैनेजर और जगमोहन सिंह रावत रीजनल मैनेजर के पद पर था।
क्रेडिट कार्ड के नाम पर ग्राहकों को कॉल करने का आरोप
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर से लोगों को क्रेडिट कार्ड
और उससे जुड़े फायदे बताने के नाम पर संपर्क किया जाता था।
आरोप है कि कुछ मामलों में ग्राहकों पर जल्द भुगतान या पैसे जमा करने के लिए दबाव बनाया जाता था।
एसटीएफ के मुताबिक, कॉल सेंटर में करीब 39 युवक-युवतियां कमीशन के आधार पर काम कर रहे थे।
इनसे भी मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
सिम बॉक्स के जरिए नंबर छिपाने का शक
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि कॉल सेंटर से निर्धारित 1600 नंबर सीरीज का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था।
इसके बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों के माध्यम से कॉल की जा रही थी।
एसटीएफ के अनुसार सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल कॉल की वास्तविक पहचान को छिपाने के लिए किया जा सकता है।
इसी वजह से पुलिस को आशंका है कि इस तकनीक का इस्तेमाल धोखाधड़ी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी किया जा सकता है।
कई धाराओं में मुकदमा दर्ज
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने BNS की धारा 318(4), 319(1), 61(2), 3(5), IT Act की धारा 66(C), 66(D) और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(1), 42(3) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डेटा की जांच के साथ कॉल सेंटर की गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
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