हरिद्वार में 35 साल बाद लौटेगी सिटी बस सेवा, 37 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी

हरिद्वार: हरिद्वार शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल होने जा रही है।

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करीब तीन दशक से अधिक समय पहले बंद हुई सिटी बस सेवा अब एक बार फिर शुरू करने की तैयारी है।

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत हरिद्वार को 37 इलेक्ट्रिक सिटी बसें मिली हैं।

इन बसों का संचालन शुरू होने के बाद शहर के लोगों को कम दूरी के सफर के लिए बेहतर

और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकेगा।

प्रशासन और परिवहन विभाग ने बस संचालन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

अधिकारियों की टीम अलग-अलग मार्गों का निरीक्षण कर रही है।

इसके साथ ही बस स्टॉप, रूट, चार्जिंग स्टेशन और संचालन से जुड़ी

दूसरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है।

योजना है कि कुंभ मेले से पहले सिटी बस सेवा को जमीन पर उतार दिया जाए।

1991 में बंद हो गई थी हरिद्वार की सिटी बस सेवा

हरिद्वार में एक समय सिटी बस सार्वजनिक परिवहन का अहम हिस्सा हुआ करती थी। उत्तराखंड राज्य बनने से पहले शहर

और आसपास के इलाकों में लोग स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, बाजार

और न्यायालय जैसी जगहों तक पहुंचने के लिए इन बसों का इस्तेमाल करते थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक उस दौर में बस का किराया काफी कम हुआ करता था।

इसके अलावा बसों के निर्धारित मार्ग होने के कारण यात्रियों को आने-जाने में सुविधा रहती थी।

हालांकि, वर्ष 1991 के आसपास हरिद्वार की सिटी बस सेवा बंद हो गई।

इसके बाद शहर में सार्वजनिक परिवहन का स्वरूप धीरे-धीरे बदलता चला गया।

एक स्थानीय निवासी के मुताबिक पुराने समय में हरिपुर से रोशनाबाद तक बेहद कम किराए में सफर किया जा सकता था।

उनका कहना है कि लंबे समय बाद सिटी बस सेवा की वापसी होने से आम लोगों को रोजाना आने-जाने में राहत मिल सकती है।

ऑटो और विक्रम बने सार्वजनिक परिवहन का मुख्य साधन

सिटी बसों के बंद होने के बाद हरिद्वार में यात्रियों के लिए ऑटो

विक्रम और बाद में बैटरी रिक्शा जैसे साधन प्रमुख बन गए।

समय के साथ इन छोटे यात्री वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती गई।

आज शहर के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही इन्हीं वाहनों पर निर्भर है।

हालांकि, यात्रियों की शिकायत रहती है कि छोटे सार्वजनिक वाहनों का संचालन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नहीं होता।

कई मार्गों पर किराए को लेकर भी यात्रियों और वाहन चालकों के बीच विवाद की स्थिति सामने आती रहती है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इलेक्ट्रिक सिटी बसों का नेटवर्क व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाता है

और किराया आम आदमी की पहुंच में रखा जाता है, तो यह शहर की परिवहन व्यवस्था के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

पुराने यात्रियों को फिर याद आई सिटी बस

नई सिटी बस सेवा शुरू करने की खबर सामने आने के बाद हरिद्वार के पुराने निवासी उन दिनों को याद कर रहे हैं

जब शहर में बसों के जरिए रोजाना सफर किया जाता था।

स्थानीय लोगों के अनुसार पहले सप्तऋषि, भेल, कनखल और रोशनाबाद जैसे क्षेत्रों के बीच बस सेवा उपलब्ध थी।

कम खर्च में शहर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचना संभव था।

शहर की आबादी और यातायात दोनों के बढ़ने के साथ अब सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता भी पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है।

वरिष्ठ पत्रकार श्रवण झा के अनुसार, पुराने समय में सिटी बसें स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ

हरिद्वार आने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण साधन थीं। उनके मुताबिक शहर के विस्तार के वर्तमान दौर में

एक व्यवस्थित बस सेवा से आवागमन को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

हरिद्वार को मिलीं 37 इलेक्ट्रिक बसें

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत हरिद्वार के लिए 37 इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन किया गया है।

इन बसों को चलाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।

अधिकारियों ने संभावित रूट का सर्वे शुरू कर दिया है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए

हरिद्वार रोडवेज वर्कशॉप के नजदीक उपलब्ध भूमि पर चार्जिंग सुविधा विकसित करने की योजना है।

एआरटीओ निखिल शर्मा के मुताबिक, योजना के तहत हरिद्वार में 37 इलेक्ट्रिक सिटी बसों का संचालन किया जाना है।

रूट सर्वे की प्रक्रिया जारी है और प्रस्तावित मार्गों में सप्तऋषि, लालढांग, बहादराबाद, पतंजलि योगपीठ और रोशनाबाद जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

इन इलाकों से गुजरेंगी बसें

प्रस्तावित योजना के अनुसार सिटी बस सेवा की शुरुआत सप्तऋषि क्षेत्र से की जा सकती है।

यहां से बसें हरिद्वार शहर के प्रमुख हिस्सों से होते हुए अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचेंगी।

संभावित मार्गों में सप्तऋषि से शहर के रास्ते लालढांग, बहादराबाद और पतंजलि योगपीठ तक बस संचालन की योजना है।

इसके अलावा रोशनाबाद स्थित महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों और औद्योगिक क्षेत्र तक भी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

इससे रोजाना नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है।

एसी इलेक्ट्रिक बसों में मिलेगा सफर का नया अनुभव

हरिद्वार की प्रस्तावित सिटी बस सेवा की खास बात यह होगी कि यात्रियों को एसी इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने का विकल्प मिलेगा।

इलेक्ट्रिक बसें होने के कारण पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में इनके संचालन का उद्देश्य अधिक पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना भी है।

हालांकि, नई सेवा की सफलता काफी हद तक रूट की उपयोगिता, बसों की संख्या, समय-सारणी, किराया और नियमित संचालन पर निर्भर करेगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए यदि प्रमुख बाजार, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी कार्यालय और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को प्रभावी ढंग से जोड़ा जाता है, तो सिटी बस सेवा हरिद्वार के सार्वजनिक परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कुंभ से पहले संचालन की तैयारी

हरिद्वार में कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान शहर में यात्रियों और वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन की मजबूत व्यवस्था की जरूरत और बढ़ जाती है।

इसी वजह से अधिकारियों की कोशिश है कि नई इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा को कुंभ मेले से पहले शुरू करने की दिशा में काम पूरा किया जाए।

फिलहाल रूट, स्टॉपेज, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है।

करीब 35 साल बाद सिटी बसों की वापसी हरिद्वार के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो सकती है।

अब लोगों की नजर इस बात पर है कि 37 इलेक्ट्रिक बसें कब सड़कों पर उतरती हैं और नई सेवा का किराया एवं समय-सारणी क्या तय की जाती है।

 

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