देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता पहुंचाने की दिशा में एक
और कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10,709 निर्माण श्रमिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 18.49 करोड़
रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक प्रदेश के विकास कार्यों में अहम योगदान देते हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण
और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिले।
पात्र श्रमिक परिवारों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं की पहुंच पात्र परिवारों तक सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ पात्रता सत्यापन और जनपदवार कवरेज की नियमित निगरानी करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन श्रमिकों में किसी बीमारी की पहचान हुई है
उन्हें स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।
दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिकों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में सभी विभाग अपनी योजनाओं के जरिए अधिक से अधिक जनसेवा
और जनसुविधा से जुड़े कार्य करें। उन्होंने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण
महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
इन योजनाओं के लाभार्थियों को मिली राशि
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार वर्तमान डीबीटी के तहत अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता दी गई है। इनमें:
- प्रसूति एवं प्रसविधा सहायता के 95 लाभार्थी
- मृत्युपरांत सहायता के 177 लाभार्थी
- पुत्री विवाह सहायता के 2,354 लाभार्थी
- शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थी
शामिल हैं। इन सभी योजनाओं के तहत कुल 10,709 लाभार्थियों को 18.49 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।
83 हजार से ज्यादा किट का वितरण
बैठक में उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की
ओर से निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संचालित समेकित कल्याण मॉडल की प्रगति भी प्रस्तुत की गई।
जानकारी के मुताबिक अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट
और 23,216 पोषाहार किट बांटे जा चुके हैं। इस तरह कुल 83,319 किट का वितरण हुआ है।
वहीं, श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग
और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने की जानकारी दी गई।
LCCMS को मिला SKOCH Gold Award
बैठक में Labour Cess Collection Management System (LCCMS) की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली को वर्ष 2025 में ई-गवर्नेंस श्रेणी में SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया था।
इसके अलावा भारत सरकार के स्तर पर भी इस प्रणाली की सराहना की गई है
और इसे Best Practices Compendium में शामिल किया गया है।
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