देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने नौकरी
या राजनीतिक पद दिलाने के बदले पैसे लेने से जुड़े आरोपों पर सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा है।
रावत ने अपनी मां की सौगंध लेते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में
किसी को नौकरी दिलाने के बदले पैसे लेना तो दूर, कभी चाय या पानी तक नहीं लिया।
रावत का यह बयान उनके पूर्व ओएसडी और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED)
की कार्रवाई के बाद सामने आया है। ED ने सितंबर 2026 में जीना के देहरादून स्थित परिसर की तलाशी ली थी।
एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई 2016 की UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी
(VPDO) परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा थी।
तलाशी के दौरान नकदी, सोना और लग्जरी घड़ियां बरामद किए जाने की जानकारी एजेंसी की ओर से दी गई थी।
‘नौकरी के बदले कभी पैसा नहीं लिया’
सोशल मीडिया पोस्ट में हरीश रावत ने कहा कि उनके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि यदि उन्होंने किसी काम के बदले पैसा लिया हो तो उन्हें इसका दंड मिले।
रावत ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हजारों लोगों के काम के लिए सिफारिशें की हैं।
उनके अनुसार, लोगों की मदद करना उनके राजनीतिक जीवन का हिस्सा रहा है
लेकिन किसी को नौकरी या राजनीतिक पद दिलाने के बदले उन्होंने पैसे नहीं लिए।
पुराने चुनावी आरोपों का भी किया जिक्र
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अपने खिलाफ लगाए गए कुछ आरोपों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पहले उनके खिलाफ जुमे की नमाज के लिए छुट्टी से संबंधित प्रचार किया गया
और बाद में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने के कथित वादे को लेकर आरोप लगाए गए।
रावत ने कहा कि इन मामलों में उनके अनुसार अब तक कोई ऐसा साक्ष्य सामने नहीं आया है
जो इन आरोपों को साबित करता हो। उन्होंने कहा कि मौजूदा मामले में भी वह अपने ऊपर लगाए जा रहे
आरोपों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं।
चंदन सिंह जीना को लेकर जताई चिंता
हरीश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना का भी जिक्र किया।
उन्होंने जीना को लंबे समय से अपने साथ काम करने वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनके जीवनभर की जमा पूंजी प्रभावित हुई है।
रावत ने कहा कि जीना के बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आजीविका को लेकर उन्हें चिंता है।
उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पास भी अपने घर का खर्च उठाने के सीमित साधन हैं।
ED की कार्रवाई के बाद रावत ने पार्टी पदों से हटने की बात कही थी
इससे पहले ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस संगठन में अपने दो पदों से हटने की इच्छा जताई थी।
रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की सदस्यता
और कांग्रेस कार्यसमिति में स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से हटने का प्रस्ताव रखा था।
उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य पार्टी के भ्रष्टाचार विरोधी रुख को किसी तरह कमजोर नहीं होने देना है।
वहीं, चंदन सिंह जीना से संबंधित मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई
और आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।
हरीश रावत लगातार अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
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