चमोली भालू हमला: स्कूल जाते समय बच्चों के सामने आया भालू
चमोली भालू हमला: पोखरी विकासखंड में सोमवार सुबह स्कूल जा रहे 15 छात्र-छात्राओं का सामना अचानक भालू और उसके बच्चों से हो गया। भालू को देखते ही सभी छात्र डर गए और वापस अपने घरों की ओर दौड़ पड़े।
पोखरी विकासखंड में सोमवार सुबह स्कूल जा रहे छात्र-छात्राओं के एक समूह की उस समय घबराहट बढ़ गई, जब रास्ते में उनका सामना भालू और उसके बच्चों से हो गया। अचानक सामने आए भालू को देखकर करीब 15 बच्चे डर गए और शोर मचाते हुए उसी रास्ते से वापस अपने घरों की ओर भागे। राहत की बात रही कि भालू ने बच्चों की तरफ हमला करने की कोशिश नहीं की और सभी छात्र सुरक्षित घर पहुंच गए।
नौली-गोदली सड़क पर दिखा भालू
जानकारी के अनुसार, 7 सितंबर की सुबह करीब 7:30 बजे नेल गांव के लगभग 15 छात्र-छात्राएं राजकीय इंटर कॉलेज गोदली में पढ़ने के लिए जा रहे थे। बच्चे नौली-गोदली सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान ढोगड़म तोक के पास अचानक उन्हें एक भालू अपने बच्चों के साथ दिखाई दिया।
भालू को इतनी नजदीक देखकर बच्चे बुरी तरह सहम गए। स्थिति को देखते हुए सभी ने रास्ते में ही वापस लौटने का फैसला किया और शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़ पड़े। डर का आलम यह था कि छात्र उस दिन स्कूल भी नहीं पहुंच पाए और सीधे अपने घर वापस चले गए।
एक छात्र ने बताया कि वे सभी साथ में स्कूल जा रहे थे, तभी रास्ते में भालू और उसके बच्चे दिखाई दिए। भालू को देखकर सभी घबरा गए और अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत वापस लौट आए।
पहले भी भालू के हमले में हो चुकी है दो महिलाओं की मौत
पोखरी क्षेत्र में भालू की सक्रियता को लेकर ग्रामीण पहले से ही चिंतित हैं। हाल ही में नेल ग्राम पंचायत के सिडेली तोक में भालू के हमले में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद से इलाके में लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।
अब स्कूल जाने वाले रास्ते के आसपास भालू और उसके बच्चों की मौजूदगी सामने आने से अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भविष्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर रहे ग्रामीण
ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में लगातार भालू दिखाई देने की घटनाओं के कारण रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। लोग अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से बच रहे हैं और अभिभावकों को हर समय किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से संवेदनशील इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ाने के साथ-साथ भालू को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
केदारनाथ वन प्रभाग के डीएफओ रजत सुमन ने बताया कि वन विभाग की टीम इलाके में लगातार निगरानी कर रही है। जिस स्थान पर स्कूली बच्चों को भालू नजर आया, वहां भी टीम द्वारा पेट्रोलिंग की जाएगी।
उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में भालू दिखाई देता है तो लोग उसके करीब जाने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें।
