हरिद्वार: यूजीसी से जुड़े कानून को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर स्वर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने सोमवार को बहादराबाद टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के कारण टोल प्लाजा पर करीब छह घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मौके पर डटे रहे।
प्रदर्शन के चलते टोल प्लाजा के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे।
एडीएम ने लिया ज्ञापन, केंद्र तक मांग पहुंचाने का भरोसा
प्रदर्शन का नेतृत्व शांभवी पीठाधीश्वर एवं काली सेना प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और यातायात बहाल करने का प्रयास किया।
बाद में एडीएम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी में एडीएम ने ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए टोल को भी वाहनों के लिए फ्री कर दिया गया, जिससे यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त असर पड़ा।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि यूजीसी से संबंधित प्रावधान वापस लेने, एससी-एसटी कानून में बदलाव और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने आगामी चुनावों को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उनके अनुसार, आंदोलन से जुड़े लोग भाजपा और कांग्रेस के बजाय अपनी पसंद के ऐसे उम्मीदवार का समर्थन करेंगे, जिसे वे अपने हितों के लिए बेहतर समझते हैं।
उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है और इसे शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्तर पर हिंदू-मुस्लिम और अगड़े-पिछड़े के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है।
आरक्षण व्यवस्था में समान अवसर की मांग
बहादराबाद में आयोजित महासभा के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।
हरिद्वार क्षत्रिय चौहान महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि समाज की मांग किसी विशेष वर्ग का विरोध करना नहीं है। उनका कहना था कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें समानता, निष्पक्षता और सभी लोगों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
वरिष्ठ अधिवक्ता उत्तम सिंह चौहान ने आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी विसंगतियों के समाधान के लिए तार्किक और न्यायसंगत व्यवस्था बनाने की मांग रखी।
वहीं अमरदीप सिंह रॉबिन ने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति या सरकार विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन नीतियों को लेकर है जिन्हें आंदोलनकारी समाज के लिए भेदभावपूर्ण मानते हैं। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत की।
गांव और शहर तक आंदोलन पहुंचाने की तैयारी
महासभा में आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने गांवों और शहरों के मोहल्लों तक जनसंपर्क बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर संगठन की इकाइयां गठित करने पर जोर दिया।
प्रदर्शन के दौरान हरिद्वार के एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया।
करीब छह घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण बहादराबाद टोल प्लाजा पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। बाद में प्रशासन के आश्वासन और ज्ञापन लिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
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