डोईवाला: देहरादून के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के थानों इलाके में जंगली हाथियों की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। अब हाथी सिर्फ रात के समय ही नहीं, बल्कि दिन में भी आबादी और खेतों के आसपास पहुंच रहे हैं। हाथियों के कारण जहां चारदीवारी और फसलों को नुकसान हो रहा है, वहीं इंसानों पर हमले की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। सोमवार शाम बड़ासी ग्रांट क्षेत्र में हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई।
दूध लेकर घर लौट रही थी महिला
जानकारी के मुताबिक, 10 अगस्त की शाम करीब 7 बजे 40 वर्षीय अंजली गुप्ता दूध लेकर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल देहरादून के कंबाइंड मेडिकल इंस्टीट्यूट (CMI) अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ घंटों तक चले उपचार के बाद महिला ने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल बन गया। ग्रामीणों में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही को लेकर डर बना हुआ है।
अस्पताल पहुंचे विधायक और जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना मिलते ही डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला समेत कई जनप्रतिनिधि देर रात अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
हमले से पहले खेतों में दिखाई दिया था हाथी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, महिला पर हमले से पहले दिन में ही सौड़ा सरोली क्षेत्र के खेतों में एक हाथी देखा गया था। हाथी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आबादी वाले इलाकों में लगातार आवाजाही के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
सोलर फेंसिंग की पुरानी मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि थानों क्षेत्र में लंबे समय से जंगली हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथियों को आबादी और खेतों में आने से रोकने के लिए ग्रामीण लगातार सोलर फेंसिंग लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्राम प्रधान राहुल मनवाल ने बताया कि 15 जनवरी को थानों में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर के दौरान भी ग्रामीणों ने डोईवाला एसडीएम और विधायक के सामने सोलर फेंसिंग की मांग रखी थी। उन्होंने महिला की मौत पर नाराजगी जताते हुए क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सोलर फेंसिंग लगाने की मांग दोहराई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और गंभीर रूप ले सकती हैं। महिला की मौत के बाद अब ग्रामीण प्रशासन से मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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