हरिद्वार: कांवड़ यात्रा अंतिम चरण में पहुंचते ही हरिद्वार में डाक कांवड़ वाहनों की आमद तेज हो गई है. इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन की चुनौती भी कई गुना बढ़ गई है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निर्धारित मानकों से बड़े डीजे और कांवड़ वाहनों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है. मानक के विपरीत पाए जाने वाले वाहनों को जनपद में प्रवेश देने के बजाय नारसन बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है. बॉर्डर पर वाहनों से डीजे की हाइट कम होने के बाद दोबारा एंट्री दी जा रही है.
पुलिस प्रशासन ने कांवड़ मेला शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि 10 फीट से अधिक चौड़ाई और 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाले डीजे और कांवड़ किसी भी स्थिति में हरिद्वार में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. अधिक ऊंचाई वाले वाहनों के बिजली के तारों, टोल प्लाजा, फ्लाईओवर के नीचे फंसने का खतरा बना रहता है. इन वाहनों पर बड़ी संख्या में कांवड़िए भी सवार रहते हैं, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में जनहानि की आशंका बढ़ जाती है.
इसी को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से ऐसे वाहनों को लगातार वापस भेजा जा रहा है.कांवड़ मेले के शुरुआती दिनों में जहां पैदल कांवड़ यात्रियों की संख्या अधिक रही, वहीं अब डाक कांवड़ का दौर शुरू होने से धर्मनगरी में भागदौड़ बढ़ गई है. उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में डाक कांवड़ वाहन हरिद्वार पहुंच रहे हैं. आने वाले चार दिन पुलिस और प्रशासन के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इसी दौरान डाक कांवड़ वाहनों का सबसे अधिक दबाव रहेगा.
इसके लिए विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. पार्किंग व्यवस्था, रूट डायवर्जन और वाहनों की निकासी की विशेष योजना लागू की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और यातायात भी बाधित न हो.
