उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति 2024 के तहत 6 प्राथमिक लाभार्थी वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि वितरित की गई. मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने 6 लाभार्थियों को सब्सिडी चेक सौंपे. साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन आधारित 11 वाहनों का फ्लैग ऑफ भी किया. ऐसे में जल्द ही 6 और लाभार्थियों को सब्सिडी दी जाएगी.
इस नीति के तहत वाहन लागत का 50 फीसदी सब्सिडी पात्र वाहन स्वामियों को देने का प्रावधान है. इस योजना के तहत देहरादून को सबसे पहले चुना गया है. जहां पर सिटी बसों का संचालन किया जाएगा. इसके बाद हरिद्वार, हल्द्वानी समेत अन्य शहरों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा. देहरादून में चल रहे सिटी बसों की स्थिति काफी ज्यादा खराब है और उस प्रदूषण भी काफी ज्यादा हो रहा है. जिसको देखते हुए उत्तराखंड सरता परिवर्तन नीति तैयार की गई. ताकि, वर्तमान समय में सिटी बस स्वामियों को अपनी बसों को नवीन बसों के रिप्लेस करने के लिए 50 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा सके
दून की सड़कों पर दौड़ेंगे ईवी वाहन: देहरादून शहर में करीब 170 सिटी बस स्वामी हैं और करीब 450 से 500 मैजिक वाहन स्वामी हैं. ऐसे में इन सभी वाहनों को इस नीति के तहत नवीन वाहनों में परिवर्तित किया जाना है. ऐसे में अभी तक 12 वाहन स्वामियों को इस योजना के तहत चयन कर लिया गया है. ऐसे में आज कार्यक्रम के दौरान पहले 6 वाहन स्वामियों को अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि वितरित किया गया है. ऐसे में जल्द ही अन्य 6 वाहन स्वामियों को भी अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी.
प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर करना होगा विकास: दरअसल, आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है. ऐसे समय में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. सीएम धामी ने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब वो प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य सुनिश्चित करें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हरित ऊर्जा एवं सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है. साल 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य, लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट अभियान, पीएम ई बस सेवा और सौर एवं अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार जैसे अनेक प्रयास पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं.
“इस पवित्र भूमि के पर्यावरण एवं प्राकृतिक संतुलन की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है. राज्य सरकार का दृष्टिकोण है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं. पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को गति दी जाएगी. इसी कड़ी में उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 लागू की है. इस नीति का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाना, पुराने डीजल चालित वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना तथा सीएनजी एवं अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है.“- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लगातार विस्तार कर रही है. साथ ही प्रदेशभर में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं. ताकि, स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों के उपयोग के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रोप-वे एवं आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विकास पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनेगी और पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनों का दबाव और प्रदूषण कम होगा.
“सरकार सिर्फ परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को हरित विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है.“- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
सीएम धामी ने कहा कि आज जिन वाहन स्वामियों को सब्सिडी चेक प्रदान किए गए हैं, वे केवल इस योजना के लाभार्थी नहीं, बल्कि उत्तराखंड में हरित परिवहन क्रांति के अग्रदूत हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि उनके इस प्रयास से अन्य वाहन संचालक भी स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे. उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी परिवर्तन स्थायी नहीं हो सकता. इसलिए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन के इस अभियान में सहभागी बनना होगा.
“महानगर के लिए 11 बसों को रवाना किया गया है. ये बसें लोगों के आवागमन को बहुत आसान बनाएगी और उनको सुविधा प्रदान करेगीं. सरकार का ये भी प्रयास है कि कम से कम पर्यावरण प्रदूषित हो, इसके लिए ईवी बसों को भी प्रमोट किया जा रहा है. उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति के तहत 6 वाहन स्वामियों को भी सम्मानित किया गया है, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाई है. सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के विकास का जो मॉडल है, वो प्रकृति के साथ चले, यानी इकोलॉजी और इकोनॉमी दोनों साथ-साथ चले. इसको लेकर विकास को आगे बढ़ा रहे हैं.“- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
