आयोग के समक्ष आगामी तीन साल के बिजनेस प्लान में लाइन लॉस का आंकड़ा भी यूपीसीएल के लिए चुनौती बना है। यूपीसीएल ने 2025-26 में लाइन लॉस 13.50 क्लेम किया था, जिसके सापेक्ष आयोग ने 12.75 एप्रूव किया। 2026-27 में 13.21 क्लेम किया, जिसे आयोग ने 12.25 प्रतिशत और 2027-28 में यूपीसीएल ने 12.95 क्लेम किया, जिसे आयोग ने 11.75 प्रतिशत एप्रूव किया है। यानी निगम को अगले तीन साल में लाइन लॉस 11.75 प्रतिशत लाना होगा।
आयोग ने ये भी कहा कि पिछले तीन साल में यूपीसीएल का लक्ष्य के सापेक्ष नुकसान काफी अधिक रहा। 2021-22 में 13.75 प्रतिशत के सापेक्ष 14.70 प्रतिशत, 2022-23 में 13.50 के सापेक्ष 16.39 प्रतिशत और 2023-24 में 13.25 के सापेक्ष 15.63 प्रतिशत नुकसान रहा। आयोग ने माना कि यूपीसीएल की याचिका में कोई नया तथ्य, स्पष्ट गलती या पुनर्विचार का वैध आधार नहीं है। लिहाजा, यह खारिज कर दी गई। आपको बता दें कि पांच अगस्त को आयोग ने इस याचिका पर जनसुनवाई भी की थी, जिसमें हितधारकों ने विरोध जताया था।