Dehradun : वॉलीबॉल और स्विमिंग प्रतियोगिता का आयोजन, अंडर 14 में ईशा पंवार ने जीता गोल्ड मेडल - Uttarakhand Highlights

Dehradun : वॉलीबॉल और स्विमिंग प्रतियोगिता का आयोजन, अंडर 14 में ईशा पंवार ने जीता गोल्ड मेडल

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देहरादून: जिले में इन दिनों स्पोर्ट्स फॉर ऑल (SFA) चैंपियनशिप उत्तराखंड 2024 का आयोजन किया जा रहा है. आज जीडी गोयनका और उत्तरांचल कॉलेज में वॉलीबॉल, स्विमिंग और फुटबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई. वहीं, 9 अक्टूबर से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आगे की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा और 15 अक्टूबर को क्लोजिंग सेरिमनी भी महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित की जाएगी.

बता दें कि सफा चैंपियनशिप का उत्तराखंड में यह चौथा सीजन है. इसकी शुरुआत 5 अक्टूबर को देहरादून के तीन अलग-अलग स्कूलों से हुई थी. 5 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक चलने वाली इस स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में 14 अलग-अलग विधाओं के खेल, जिसमें वॉलीबॉल, स्विमिंग फुटबॉल, बैडमिंटन और निशानेबाजी समेत अन्य खेल शामिल हैं. प्रतियोगिता में 495 स्कूलों के 3 से 18 वर्ष तक के 16,354 एथलीट भाग ले रहे हैं. इस प्रतियोगिता की शुरूआत डीपीएसजी सेलाकुई, टोंस ब्रिज प्रेम नगर और जसपाल राना शूटिंग एकेडमी से हुई थी.

अभी तक की इस प्रतियोगिता में स्विमिंग कंपटीशन में ब्राइटलैंड्स स्कूल देहरादून की ईशा पंवार ने अंडर 14 लड़कियों की एज कैटेगरी में तीन गोल्ड मेडल जीते हैं, जबकि न्यू दून ब्लॉसम स्कूल के शौर्य चौधरी ने अंडर 16 लड़कों की प्रतिस्पर्धा में चार गोल्ड मेडल हासिल किए हैं. वहीं, खो-खो कंपटीशन में अंडर 18 बालिका और बालक दोनों श्रेणियां के फाइनल हो चुके हैं. केंद्रीय विद्यालय अप्पर कैंप ने बालिकाओं के टूर्नामेंट पर सेपियंस स्कूल को हराकर जीत अपने नाम की है. बालकों की टूर्नामेंट में सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल ने स्वर्ण पदक जीता. SFA की टीम ने जानकारी दी है कि इस तरह की प्रतियोगिता पैन इंडिया बेसिस पर 37 विधाएं देश के 10 बड़े शहरों में आयोजित की जाती हैं, जिसमें से देहरादून भी एक है.

जीडी गोयंका में स्विमर कोच नीरज चौधरी ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिता से बच्चों को काफी उत्साह मिलता है, उन्हें एक बड़ा प्लेटफार्म मिलता है. स्पोर्ट्स फॉर ऑल केवल खेलों का आयोजन नहीं करता है, बल्कि ग्रास रूट के खेलों के प्रति बहुत निचले स्तर से छात्रों को तैयार करता है. उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से निश्चित तौर से एक सकारात्मक माहौल का निर्माण होता है. इससे उत्तराखंड में प्रस्तावित आने वाले 38 में राष्ट्रीय खेलों को भी जोर मिलेगा.

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