देहरादून: उत्तराखंड सरकार प्रदेश को आयुष हब बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है. इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश के सभी जिलों के एक-एक गांव को आदर्श आयुष गांव बनाने जा रही है. जिसके लिए न सिर्फ गांव का चयन कर लिया गया है बल्कि गांव से संबंधित जिलों की ओर से आयुष निदेशालय को प्रस्ताव भी प्राप्त हो गए हैं. ऐसे में प्रस्ताव मिलने के बाद आयुर्वेद गतिविधियां शुरू करने के लिए गाइडलाइन तैयार की जा रही है.
दरअसल, भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रत्येक आयुष ग्राम को हर साल तीन लाख रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. जिसके जरिए इन आयुष ग्रामों में हर्बल गार्डन बनाए जाने के साथ ही गांव में रहने वाले सभी परिवारों को जड़ी बूटियां से संबंधित पौधे दिए जाएंगे. उत्तराखंड स्टेट आयुष मिशन सोसाइटी ने आयुष ग्राम के साथ योग वेलनेस केंद्र बनाने के लिए रूपरेखा तैयार कर गाइडलाइन भी जारी कर दी है.
आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाओं के निदेशक एवं अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे ने बताया राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश के हर जिले में एक आदर्श आयुष ग्राम की स्थापना की जानी है. इसके लिए सभी जिलों से एक-एक गांव चिन्हित कर लिए गए हैं. साथ ही सभी जिलों में चयनित गांव से संबंधित प्रस्ताव भी जिलों की ओर से आयुष निदेशालय को मिल गए हैं. ऐसे में इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है. जिसके बाद जिला स्तर पर तमाम गतिविधियां शुरू की जाएंगी.
उन्होंने बताया चिन्हित गांव के नजदीक मौजूद आयुष चिकित्सालयों का इस्तेमाल भी इसमें किया जाएगा. साथ ही गांव में मौजूद सभी ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा. स्थानीय लोगों को आयुर्वेद और योग के प्रति जागरूक किया जाने को लेकर हर हफ्ते शिविर का आयोजन किया जाएगा. जहां ग्रामीणों को आयुर्वेद पद्धति से संबंधित तमाम जानकारियां दी जाएगी.