देहरादून: देश में सीएए लागू होने के बाद विदेश से आए सैकड़ों हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दी जा चुकी है. उत्तराखंड में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत 153 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है. ये लोग पाकिस्तान, अफगानिस्तान से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय से संबंधित हैं. सूत्रों के अनुसार, 7 मार्च को हरिद्वार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पात्र लाभार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंप सकते हैं. कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.
विदेश से आकर भारत में रह रहे शरणार्थियों को नागरिकता, राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय से दी जाती है. क्योंकि, जब कोई शरणार्थी नागरिकता के लिए आवेदन करता है, तो उसके लिए विस्तृत रूप से जांच की जाती है. फिर जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नागरिकता दी जाती है.मुख्य रूप से उत्तराखंड के देहरादून जिले में विदेशों से आए लोग बसे हुए हैं. इसके अलावा विदेश से आए कुछ लोग जो हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और उत्तरकाशी जिलों में भी रह रहे हैं उनको भारत की नागरिकता दी गई है. अब वे भारतीय नागरिक कहलाएंगे.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार देश में सीएए का कानून लेकर आई. जिसके तहत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के उत्पीड़ित लोग हैं, उनको भारत में नागरिकता देने का बिल पास किया गया है.