SANSAD: संसद में अंकिता भंडारी और ‘मोहम्मद’ दीपक की चर्चा, कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने शायराना अंदाज में उठाया मुद्दा

उत्तराखंड के कोटद्वार में कपड़े की दुकान का नाम बदले जाने को लेकर उपजा विवाद सुर्खियों में है. जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और दुकान मालिक के बीच में विवाद में जिम संचालक दीपक कुमार ने अपना विरोध जताया था. आक्रोश में नाम पूछने पर उन्होंने अपना नाम ‘मोहम्मद’ दीपक बताया था. इसके बाद देशभर में यह नाम चर्चा में आया. अब इसकी गूंज संसद के गलियारों में भी सुनाई दे रही है.

दरअसल, कांग्रेस से राज्य सभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कोटद्वार बाबा प्रकरण और अंकिता मामले को उठाते हुए कहा कि ‘एक तरफ महामहिम के भाषण पर प्रधानमंत्री संसद की मेज थपथपा रहे थे. दूसरी तरफ उत्तराखंड की अभागी बिटिया अंकिता भंडारी के इंसाफ की आवाजें मध्यम पड़ रही थी, जो आज भी ये पूछ रही है कि आखिर वीआईपी कौन था? जिसके लिए अंकिता को मार दिया गया.’ इमरान प्रतापगढ़ी ने आगे कहा कि ‘इधर सामाजिक न्याय की बात हो रही थी. उधर, उत्तराखंड के कोटद्वार में नफरती लोगों के खिलाफ एक बुजुर्ग को बचाने के लिए सामने आया दीपक जो मोहब्बत की रोशनी लेकर तटस्थ खड़ा रहा. उसी दीपक के खिलाफ कोटद्वार की पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली.’

इमरान प्रतापगढ़ी ने संसद में शायराना अंदाज में उत्तराखंड के कोटद्वार में बाबा नाम की दुकान के नाम को लेकर उपजे विवाद और चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को प्रमुखता से उठाया है. उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि ‘बात दलीलों से रद्द होती है, उनके होठों की खामोशी भी सनद होती है. कुछ नहीं कहने से भी छिन जाता है, एजाजे सुखन, जुल्म सहने से भी जालिम की मदद होती है.’

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