उत्तराखंड की लोक परंपराओं, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी ने कहा कि यदि हमारी जड़ें जमीन से जुड़ी रहेंगी तभी आने वाली पीढ़ियां हमारी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समझ पाएंगी और अपनाएंगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि परंपराओं को केवल कहने से नहीं, बल्कि करके दिखाने से ही जीवित रखा जा सकता है।
गीता धामी ने बताया कि इस आयोजन में उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से प्रतिभागी शामिल होंगे। जौनसार, नीति माणा, धारचूला, मुनस्यारी, उत्तरकाशी और चमोली सहित हर जिले से लोग लोक संस्कृति, लोक गीतों और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाएंगे। उन्होंने सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के उत्साह और सहयोग से यह आयोजन उत्तराखंड की पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
उन्होंने देवभूमि की जनता से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर “वोकल फॉर लोकल” को अपनाने और लोक कलाकारों व प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाने की अपील की। उनका विश्वास है कि इस आयोजन से सकारात्मक संदेश जाएगा और एक समृद्ध व आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम बढ़ेगा।