वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह बजट सरकार के “विकसित भारत 2047” विजन को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा पर बड़ा फोकस दिखा। हालांकि, मध्यम वर्ग और आम आदमी को तुरंत मिलने वाली राहत सीमित रही, क्योंकि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।
बजट 2026 में सरकार ने बुनियादी ढांचे के लिए ₹12 लाख करोड़ से अधिक के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का प्रावधान किया है। सड़कों, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, मेट्रो, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य के तहत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई। इसके साथ ही AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और ग्रीन टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ाने की बात कही गई। इससे स्टार्टअप्स, आईटी सेक्टर और युवाओं को लंबे समय में फायदा मिलने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र में कोल्ड-चेन, वेयरहाउस और एग्री-टेक को बढ़ावा देने के संकेत मिले हैं। ग्रामीण रोजगार, स्वयं सहायता समूह (SHG) और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने की बात कही गई है, हालांकि किसानों को तुरंत नकद राहत की कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई।सरकार ने शिक्षा और नवाचार को भविष्य की रीढ़ बताते हुए नई अटल टिंकरिंग लैब्स, स्किल-बेस्ड एजुकेशन और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की घोषणा की। उच्च शिक्षा संस्थानों में सीटें बढ़ाने और टेक्निकल स्किल्स पर जोर देने की बात कही गई है।
आम आदमी के लिए क्या सस्ता, क्या महंगा
कैंसर और कुछ गंभीर बीमारियों की दवाइयां ,
भविष्य में डिजिटल सेवाएँ और कुछ घरेलू सामान (लॉन्ग टर्म असर)!
सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला,
शराब (राज्यों के टैक्स पर निर्भर),
निजी वाहन चलाना- पेट्रोल-डीजल पर कोई सीधी राहत नहीं