देहरादून: हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कि यूसीसी ने सामाजिक न्याय, समानता और महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित किया है, जिससे हलाला और बहुविवाह जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। विवाह पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और यह कानून अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेगा।
इस दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता को तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों, कुशल क्रियान्वयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण में योगदान देने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में “समोहम सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः” का उपदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि मैं सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता हूं, न किसी का शत्रु हूं और न ही किसी के प्रति पक्षपात करता हूं। सनातन संस्कृति की यही महानता है, जिसने सदियों से दुनिया को समानता, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया है।